प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश में करोड़ों लोगों को राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होने से सुखद अनुभूति हो रही है। मुझे विश्वास है कि श्रीराम नाम की तरह ही बनने वाला मंदिर अनंत काल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देता रहेगा इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारी हजारों सालों की परंपरा का संदेश विश्व भर में पहुंचे। उन्होंने कहा कि इन्हीं बातों का ध्यान रखते हुए भगवान राम के चरण जहां पड़ें वहां राम सर्किट का निर्माण किया जा रहा है।
अयोध्या का बखान भगवान राम ने स्वयं किया है कि मेरी जन्मभूमि अयोध्या अलौकिक सुख की खान है। हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है कि पूरी पृथ्वी पर राम के जैसा नीतिवान शासक कभी हुआ ही नहीं। कोई भी दुखी न हो, गरीब न हो यही भगवान राम का उद्देश्य था। नर-नारी सभी समान रूप से सुखी हों। भगवान राम का संदेश है कि बुजुर्गों व बच्चों की सदैव रक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें सबका विकास करना है और सबका विश्वास जीतना है। यही राम की प्रेरणा है। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सब आगे बढ़ेंगे और देश आगे बढ़ेगा। भगवान राम का यह मंदिर युगों-युगों तक लोगों को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस दौर में भगवान राम की मर्यादा की सीख और भी जरूरी है। आज की मर्यादा है दो गज की दूरी। आप सभी को इसका पालन करना है जिससे कि हम इस मुश्किल वक्त में खुद को सुरक्षित रख सकें।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि श्रीराम का मार्ग मानवता का मार्ग है। श्रीराम हमारे देश के संस्कृति पुरुष हैं। हमारा देश जितना ताकतवर होगा, उतना ही शांतिपूर्वक और सुखपूर्वक रहेगा। राम का चरित्र ही गांधी के रामराज्य का आधार है। गांधी जी ने ऐसे ही रामराज्य का सपना देखा था। हमने जब-जब मानवता का रास्ता चुनाव तब तब हमारा विकास हुआ। जब-जब भटके पतन हुआ।