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प्रधानमंत्री मोदी अगले महीने रखेंगे यूपी के औद्योगिक क्रांति के नए युग की नींव

Thu, 24 May 2018 01:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी इंवेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : amar ujala
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून में औद्योगिक क्रांति के नए युग की नींव रखकर प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए 52 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके लिए औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बुधवार को इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रदेश में 4.28 लाख करोड़ के 1045 एमओयू करने वाले निवेशकों के साथ संवाद कर उनकी प्रगति जानी और समस्याओं का निराकरण किया।

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योजना भवन में हुई बैठक में उद्योग मंत्री सतीश महाना, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने शिलान्यास से पहले परियोजनाओं से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए एक-एक निवेशक से बात की। सतीश महाना ने कहा कि समिट के जरिए भारतीय एवं विदेशी निवेशकों और उद्योगों ने उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए राज्य सरकार में विश्वास व्यक्त किया है। विगत 15 वर्षों में जितना निवेश प्रदेश में हुआ है उससे अधिक निवेश एक ही वर्ष में होगा।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने संबंधित विभागों को निवेशकों को प्रोविजनल लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं। 50 करोड़ से अधिक के निवेश वाली 80 से अधिक बड़ी परियोजनाएं राज्य स्तर पर और एक करोड़ रुपये से अधिक की 600  सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयां जिला स्तर पर शिलान्यास के इंतजार में हैं।
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उन्होंने कहा कि 1045 में से करीब 60 फीसदी परियोजनाएं पहले चरण में ही शुरू होंगी, ये देश में एक रिकार्ड होगा। अभी तक सभी प्रदेशों में हुई समिट का रिजल्ट 10-12 प्रतिशत से अधिक नहीं रहा है।

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हर दो महीने बाद आयोजित किए जाएंगे शिलान्यास समारोह

बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना। - फोटो : amar ujala
उन्होंने बताया कि हर दो महीने बाद शिलान्यास समारोह आयोजित किए जाएंगे। बैठक में अपर मुख्य सचिव योजना एवं आईटी संजीव सरन, प्रमुख सचिव पर्यटन अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग  नवनीत सहगल, नोएडा व ग्रेटर नोएडा के सीईओ श्री आलोक टंडन, एमएसएमई के सचिव भुवनेश कुमार, अवस्थापना  एवं औद्योगिक विकास विभाग के सचिव  संतोष यादव और एम पी अग्रवाल आदि मौजूद थे।

प्रतिपूर्ति की रकम बढ़ाई जाए
बीएल एग्रो के घनश्याम खंडेलवाल ने कहा कि सरकार से ऋण के ब्याज पर 5 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 50 लाख रुपये प्रति वर्ष) देना तय किया है। 100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर यह ऊंट के मुंह में जीरा साबित होगी। उद्यमी 50 करोड़ का ऋण लेंगे तो यह प्रतिपूर्ति एक महीने में ही समाप्त हो जाएगी। सरकार को इसे बढ़ाना चाहिए। वहीं, रिलेक्स 24 प्रालि के एलपी सिंह ने निवेशकों के प्रस्तावों पर कार्य की गति बढ़ाने की आवश्यकता जताई।

इन कंपनियों के प्रतिनिधि
टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज, पीईटीएम, एसीसी सीमेंट, तेगना इलेक्ट्रॉनिक्स, मेट्रो कैश एंड कैरी, बर्जर पेंट्स, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज, पीटीसी इंडस्ट्रीज, कनोडिया ग्रुप,  पसवाड़ा पेपर, डीसीएम श्रीराम, बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज, गोल्डी मसाले, टिकौला शुगर मिल्स, यश पेपर्स, सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स, सुखबीर एग्रो इंडस्ट्रीज, एचपीसीएल, गेल, एसएलएमजी बेवरेज सहित 50 से अधिक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

इन क्षेत्रों होगा निवेश
सीमेंट, खाद्य प्रसंस्करण, कागज, वस्त्रोद्योग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली और डेयरी से संबंधित क्षेत्र।
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