बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना।
- फोटो : amar ujala
उन्होंने बताया कि हर दो महीने बाद शिलान्यास समारोह आयोजित किए जाएंगे। बैठक में अपर मुख्य सचिव योजना एवं आईटी संजीव सरन, प्रमुख सचिव पर्यटन अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग नवनीत सहगल, नोएडा व ग्रेटर नोएडा के सीईओ श्री आलोक टंडन, एमएसएमई के सचिव भुवनेश कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के सचिव संतोष यादव और एम पी अग्रवाल आदि मौजूद थे।
प्रतिपूर्ति की रकम बढ़ाई जाए
बीएल एग्रो के घनश्याम खंडेलवाल ने कहा कि सरकार से ऋण के ब्याज पर 5 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 50 लाख रुपये प्रति वर्ष) देना तय किया है। 100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर यह ऊंट के मुंह में जीरा साबित होगी। उद्यमी 50 करोड़ का ऋण लेंगे तो यह प्रतिपूर्ति एक महीने में ही समाप्त हो जाएगी। सरकार को इसे बढ़ाना चाहिए। वहीं, रिलेक्स 24 प्रालि के एलपी सिंह ने निवेशकों के प्रस्तावों पर कार्य की गति बढ़ाने की आवश्यकता जताई।
इन कंपनियों के प्रतिनिधि
टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज, पीईटीएम, एसीसी सीमेंट, तेगना इलेक्ट्रॉनिक्स, मेट्रो कैश एंड कैरी, बर्जर पेंट्स, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज, पीटीसी इंडस्ट्रीज, कनोडिया ग्रुप, पसवाड़ा पेपर, डीसीएम श्रीराम, बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज, गोल्डी मसाले, टिकौला शुगर मिल्स, यश पेपर्स, सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स, सुखबीर एग्रो इंडस्ट्रीज, एचपीसीएल, गेल, एसएलएमजी बेवरेज सहित 50 से अधिक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
इन क्षेत्रों होगा निवेश
सीमेंट, खाद्य प्रसंस्करण, कागज, वस्त्रोद्योग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली और डेयरी से संबंधित क्षेत्र।