लखनऊ। दबिश देने पहुंचे दरोगा को कुचलने का प्रयास करने के आरोपी मलिहाबाद के नवीनगर निवासी अभिषेक राजपूत ने सोमवार को काकोरी पुलिस को चकमा देते हुए सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उधर, काकोरी पुलिस ने आरोपी के साथी और मौसेरे भाई दीपक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब भागे चल रहे अन्य साथियों की तलाश में दबिश दे रही है।
इंस्पेक्टर सतीश ने बताया कि अभिषेक 21 जुलाई को टिंबर व्यापारी जितेंद्र सिंह पर जानलेवा हमले और रिवाल्वर लूटने का आरोपी है। वह और उसके दो साथी वांछित चल रहे थे। रविवार को पुलिस को आरोपी के मलिहाबाद के हरदोईया लाल नगर गांव में मौजूद होने की जानकारी मिली थी। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दो टीमें पहुंची थीं। खुद को घिरता देख अभिषेक ने मामले के विवेचक दरोगा अमित चौधरी को कुचलने की कोशिश की और उनकी कार में टक्कर मार कर भाग निकला था। मगर पुलिस ने पीछा कर आरोपी के मौसेरे भाई को पकड़ लिया था।
कुछ दिन पहले खारिज हुई थी अर्जी
अभिषेक ने कुछ दिन पहले कोर्ट में सरेंडर की अर्जी डाली थी, जो निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद आरोपी ने एक रील बनाई थी, जो वायरल होने पर व्यापारी नेताओं ने एडीसीपी पश्चिमी से मिलकर गिरफ्तारी की मांग की थी। एडीसीपी ने काकोरी पुलिस को 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।