टमाटर के शौकीन लोगों के लिए बुरी खबर है कि टमाटर के दामों में रोजाना 10 रुपये किलो की तेजी आने की उम्मीद है।
जबकि एक हफ्ते के भीतर टमाटर 25 रुपये किलो महंगा हुआ है। बंगलूरू से टमाटर की आवक के चलते उसके दाम बढ़े हैं।
जब तक लोकल टमाटर की आवक नहीं होगी तब तक उसके सस्ता होने की संभावना कम है।
रविवार को इंदिरानगर सब्जी मंडी के फुटकर दुकान अशरफ ने बताया कि लखनऊ के सीमावर्ती जिलों से टमाटर की आवक ठप होने के कारण मंडी में उसका अभाव हो गया है।
टमाटर की मांग को पूरा करने के लिए बंगलूरू से मंगाया जा रहा है।
लखनऊ से बंगलूरू का भाड़ा अधिक होने के कारण टमाटर महंगा बिक रहा है। रविवार को थोक मंडी में टमाटर 30 से 35 रुपये किलो तक बिका।
इसके कारण फुटकर बाजार में टमाटर को 50 से 55 रुपये बेचा गया। जबकि शनिवार को यही टमाटर 40 से 45 रुपये प्रति किलो तक बिका।
सोमवार को टमाटर के 60 से 65 रुपये प्रति किलो बिकने की उम्मीद है। इसकी वजह यह कि टमाटर की आवक कम और डिमांड अधिक है।
वहीं, आलू, प्याज आदि सब्जियों की कीमतों में मनमानी बढ़ोतरी रोकने संबंधी डीएम की हिदायत के बाद प्रशासन व मंडी समिति के अधिकारी सक्रिय हुए।
जनपदों की दोनों थोक मंडियों में जांच-पड़ताल के दौरान सब्जी व अन्य खाद्य सामग्री की नौ गाड़ियां पकड़ीं। जिन्हें छिपाकर रखा गया था।
मंडी में बिना औपचारिकता पूरी किए सामान लाने वाले कारोबारियों से 99 हजार रुपये शमन के रूप में वसूले।
डीएम राजशेखर ने सब्जी व अन्य खाद्य सामग्री की कीमतों में मनमानी बढ़ोतरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गत सप्ताह मंडी समितियों व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए थे।
नोडल अधिकारी एडीएम ट्रांसगोमती अशोक कुमार जमाखोरी व कीमतों में मनमानी बढ़ोत्तरी रोकने की कार्रवाई के तहत थोक मंडियों में विगत दिनों नौ गाड़ियां पकड़ी गईं, जिनमें सब्जी व अन्य खाद्य सामग्री लदी थी।