टमाटर के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। बुधवार को फुटकर बाजार में टमाटर 280 रुपये प्रति किलो की दर से बिका। जबकि मंडी के थोक बाजार में इसकी कीमत करीब 160 से 180 रुपये प्रति किलो रही। मंडी से रेहड़ी व फुटकर दुकानदारों तक पहुंचते-पहुंचते इसकी कीमत में करीब सौ रुपये की वृद्धि हो रही है। मंडी से थोक में सामान उठाकर रेहड़ी पर गली-गली सब्जी बेचने वाले जसवंत, शिवकुमार आदि ने बताया कि मंडी में टमाटर छांटने को नहीं मिलता। थोक में लेने पर प्रति 50 किलो में पांच-छह किलो टमाटर खराब निकल जाता है, अपनी लागत निकालने के लिए उन्हें मजबूरी में दाम बढ़ाना पड़ता है।
कम हो गई सब्जी की महक
खाले का पुरवा निवासी रीता वर्मा का कहना है कि मसालों के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। इसलिए अब इनका उपयोग काफी संभालकर करना पड़ता है। इसके कारण स्वाद और महक में फर्क आ गया है। गद्दौपुर चुंगी चौराहा निवासी वंदना सिंह व उसरू निवासी लक्ष्मी का कहना है कि सभी चीजें महंगी होती चली जा रही है। इसके कारण रसोई का बजट बढ़ गया है। सरकार महंगाई पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।