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महंगाई: फुटकर में 80-85 रुपये प्रति किलो पहुंचे प्याज के दाम, जमाखोरी और पैदावार में कमी है वजह

Wed, 01 Nov 2023 03:04 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला टीम, लखनऊ

सार

प्याज और टमाटर के भाव आसमान चढ़ गए हैं। इसके लिए मौसम और पैदावार में देरी और बाजार में मनमानी को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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घर से लेकर बाजार तक इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा में प्याज, टमाटर के बढ़े भाव हैं। इसके लिए मौसम और पैदावार में देरी के साथ बाजार की मनमानी भी जिम्मेदार है। पहले से वीआईपी चल रही अदरक के दाम 150 रुपये किलो से नीचे नहीं आ रहे हैं। इससे परेशान जनता की टेंशन प्याज, टमाटर की चढ़ी कीमत ने बढ़ा दी है। कुछ समय पहले प्याज की फुटकर कीमतें शहर के सभी इलाकों में एक साथ बढ़ीं और 60 रुपये तक पहुंच गईं। पुराना शहर, बाराबिरवा, आलमबाग में 60-70 रुपये किलो में प्याज बिक रहा है, जबकि हजरतगंज गोमतीनगर जैसे पॉश इलाकों में यह 80-85 रुपये किलो में मिल रहा है। टमाटर की कीमत 40-50 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं, थोक मंडी में प्याज की कीमत 55- 60 रुपये तो टमाटर की 15 से 20 रुपये किलो है।

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सबका यही सवाल, इतने क्यों बढ़ गए दाम
नरही हो या भूतनाथ या फिर आलमबाग की बाराबिरवा सब्जी मंडी, शायद ही कोई ऐसा खरीदार हो जो यह न पूछे कि प्याज, टमाटर इतना महंगा क्यों हो गया? इस पर दुकानदार यही जवाब देते हैं कि कुछ दिनों से, हमें मंडी से महंगा मिल रहा है।

महाराष्ट्र में आंधी-पानी से खराब हुआ प्याज
चंद्रभानु गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक कृषि विशेषज्ञ डा. सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य रूप से प्याज पुणे, नासिक से आता है। इंदौर, करनाल और झांसी-बांदा की बेल्ट में भी इसकी खेती होती है। महाराष्ट्र में नर्सरी समय से पहले और यूपी में देर से लगाई जाती है, यही वजह है कि वहां पैदावार जल्दी और यहां देर से होती है। कर्नाटक व राजस्थान से भी प्याज आता है। सितंबर के अंतिम दिनों में महाराष्ट्र में प्याज की खोदाई का समय था। उसी वक्त आंधी-पानी से प्याज खराब हो गया। महाराष्ट्र में प्याज की एन53 प्रजाति लगाई जाती है। इसमें सामान्य दिनों में बीमारियां कम लगती हैं, लेकिन यह बारिश का बोझ नहीं सहन कर पाती।
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नए प्याज की आवक पर गिरेंगी कीमतें
आढ़ती मसूद के मुताबिक दुबग्गा सब्जी मंडी में प्याज की आवक बढ़ी है। दो दिन पहले 15 ट्रक आ रहे थे, जो अब 20-25 हो गए हैं। यहां कीमत 50 से 60 रुपये किलो तक है। इस वक्त इंदौर-शिवपुरी और नासिक से प्याज आ रहा है। राजस्थान और कर्नाटक से दिसंबर से नए प्याज की आवक शुरू होगी तो कीमतें गिरेंगी। इटौंजा-मानपुर सब्जी मंडी के आढ़ती संतोष व कुलदीप का कहना है कि पहले दो ट्रक प्याज आता था, लेकिन अभी एक ही आ रहा है। थोक कीमत 55 रुपये है। यहां से सीतापुर, बाराबंकी व लखनऊ के शहरी इलाकों में प्याज जाता है।

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महाराष्ट्र के सिंडीकेट की कैद में प्याज

जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के कई सिंडीकेट ने मुनाफाखोरी के लिए किसानों का प्याज पहले ही खरीद कर भंडारण कर लिया है। नासिक, अहमदनगर में छोटे आढ़ती के पास प्याज नहीं बचा। उधर, सिंडीकेट रोजाना प्याज के थोक भाव तय करता है। लखनऊ के आढ़ती अजीज ने बताया कि मंगलवार को नासिक में प्याज 52 से 55 रुपये प्रति किलो बिका, जो लखनऊ पहुंचकर 57 से 60 रुपये प्रति किलो हो जाएगा। नासिक से लखनऊ तक एक किलो प्याज पर लगभग पांच रुपये का ट्रक भाड़ा आता है। लखनऊ में नासिक, अहमदनगर, शाजापुर, कर्नाटक से औसतन 200 टन प्याज आ रहा है।

टमाटर की कीमतों में मनमानी जारी
हजरतगंज में नरही सब्जी मंडी में टमाटर की कीमत 50 रुपये है। यहां से बाहर निकलिए और फुटपाथ पर दुकानदार 40 रुपये में टमाटर बेच रहे हैं। सब्जी विक्रेता विनोद का कहना है कि देसी टमाटर खत्म हो गया है और जो आ रहा है वह पर्याप्त नहीं है।
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