हजरतगंज स्थित एक शो रूम में उन्होंने खरीदारी की और चिकन के उद्भव से लेकर उसकी विकास यात्रा, कसीदाकारी के प्रकार और तरीकों के बारे में भी बारीकी से जाना और समझा।
लखनवी चिकनकारी की विरासत के प्रति जिज्ञासा और लगाव लिए देश के प्रथम नागरिक का परिवार सोमवार की दोपहर में हजरतगंज पहुंचा था। हजरतगंज स्थित एक शो रूम में उन्होंने खरीदारी की और चिकन के उद्भव से लेकर उसकी विकास यात्रा, कसीदाकारी के प्रकार और तरीकों के बारे में भी बारीकी से जाना और समझा।
विज्ञापन
कारोबारी प्रशांत गर्ग ने वीआईपी विजिटिंग रजिस्टर दिखाते हुए कहा कि देश का कोई शासक और उसका परिवार इतना विनम्र हो सकता है, यह अपने आप में मिसाल है। उन्होंने बताया की राष्ट्रपति की बेटी ने पूरे परिवार के लिए खरीदारी की। खासकर मां सविता कोविंद के लिए भी चिकन के कपड़े लिए।
एग्जीबिशन देखी, चिकन के उद्भव के बारे में जाना
कारोबारी प्रशांत गर्ग ने बताया कि हमारे शो रूम में ऊपर के फ्लोर पर एक एग्जीबिशन व टूरिस्ट व विजिटर्स के लिए लगी है। उन्होंने उसे भी देखा। हमने उन्हें चिकन और इस लखनवी क्राफ्ट के बारे में बताया कि इसका श्रेय नूरजहां को जाता है, जिन्होंने सर्वप्रथम कपड़े पर उतारा था। उन्होंने एग्जीबिशन के जरिए चिकनकारी की प्रक्रिया को बारीकी से समझा। प्रशांत गर्ग के मुताबिक, हमारा स्टाफ उनकी विनम्रता देख कायल हो गया है।