राष्ट्रपति राजभवन में बने चार कमरों के सुइट में विश्राम करेंगे। इस सुइट में बेड रुम के अतिरिक्त जिम, कॉन्फ्रेंस हाल और डाइंग हाल है। आधुनिक संसाधनों के साथ पाश्चात्य सभ्यता का संगम इस सुइट में दिखेगा। इसमें यूपी के विभिन्न जिलों की कारीगरी का नमूना, प्राचीन मूर्तियां और पेंटिंग शामिल हैं। इस सुइट के सामने दूसरे सुइट में आपात कक्ष बनाया गया है। इसमें राष्ट्रपति भवन की तर्ज पर विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां हाई स्पीड इंटरनेट, सेटेलाइट फोन और हॉटलाइन के साथ अन्य अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
पांच सितारा होटल जैसी व्यवस्था
राष्ट्रपति जिस सुइट में रुकेंगे वहां उनकी गरिमा के अनुरूप पांच सितारा होटल जैसी बेहतर व्यवस्था की गई है। संबंधित क्षेत्र को 48 घंटे पूर्व से ही राष्ट्रपति के आने तक नो मेन जोन घोषित करते हुए राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे जवानों के सुपुर्द कर दिया गया है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार सुबह प्रेसिडेंशियल ट्रेन से 107 साल पुराने चारबाग रेलवे स्टेशन पर उतरेंगे और इसके गौरवमयी इतिहास को अनुभव करेंगे। उनकी उपस्थिति इतिहास में दर्ज हो जाएगी। चारबाग राष्ट्रपिता से लेकर राष्ट्रपति तक के आगमन तक का साक्षी बन जाएगा।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 26 दिसंबर 1916 को पहली बार लखनऊ आए थे। अब राष्ट्रपति आ रहे हैं। उनके इस्तकबाल में स्टेशन का रंगरोगन किया गया है। यहां से निकलने के बाद वह देश की सबसे बड़ी कमान मध्य कमान के सामने से गुजरते हुए 200 साल पुराने राजभवन (जो पहले कोठी हयात बख्श के नाम से जाना जाता था) पहुंचेंगे।