प्रदेश में गंगा, सरयू और गोमती नदी में रिवर क्रूज संचालित किए जाएंगे। वहीं लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी सहित प्रमुख शहरों में नई तीन से पांच सितारा होटल बनेंगे। ईको टूरिज्म और वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 से पहले ही पर्यटन विभाग को 37 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। विभाग ने देश-विदेश की कंपनियों से 431 एमओयू साइन किए हैं। इससे 1.25 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
प्रदेश सरकार की ओर से पर्यटन विभाग को पहले 20 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य दिया गया था। इसे बाद में बढ़ाकर 40 हजार करोड़ कर दिया गया। विभाग ने अब तक 37 हजार करोड़ केनिवेश के लिए एमओयू कर लिए हैं। विभाग का दावा है कि समिट के आयोजन तक शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।
विभाग को 15,433 करोड़ रुपये के निवेश से 214 होटल निर्माण का प्रस्ताव मिले हैं। 4512 करोड़ के निवेश से 57 रिसोर्ट, 680 करोड़ के निवेश से 16 ईको टूरिज्म प्रोजेक्ट, 441 करोड़ के निवेश से 10 रिवर क्रूज प्रोजेक्ट, 173 करोड़ के निवेश से 10 योगा एवं वेलनेस सेंटर प्रोजेक्ट, 150 करोड़ के निवेश से 5 थीम पार्क प्रोजेक्ट, 509 करोड़ के निवेश से 3 वे साइड एमिनिटीज प्रोजेक्ट मिले हैं। करीब 14,975 करोड़ रुपये की लागत की 78 अन्य परियोजना के एमओयू हुए हैं।
विभाग का दावा है कि निवेशकों को लगातार यूपी में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग की ओर से हापुड़, मेरठ, बहराइच, अयोध्या, नोएडा, गाजियाबाद, मथुरा, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर, चित्रकूट, झांसी, बरेली और लखनऊ निवेशकों से संपर्क के कार्यक्रम किए गए है। विभाग की ओर से पर्यटन विभाग शिखर सम्मेलन में भाग लेने इंग्लैंड, जापान, दक्षिण-कोरिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात और स्पेन के अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों से भी संपर्क कर रहा है।