लखनऊ। नए वित्तीय वर्ष में वार्डों में विकास कार्य के लिए पार्षद कोटा में करीब 40 लाख रुपये की बढ़ोतरी की तैयारी है। इससे प्रति वार्ड जीएसटी सहित कोटे की धनराशि 2.10 करोड़ से बढ़कर 2.50 करोड़ रुपये हो जाएगा।
नए बजट में नगर निगम सफाई, मार्ग प्रकाश और पार्कों के रखरखाव का बजट भी पिछले साल की तुलना में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी में है। जानकार बता रहे हैं कि एक अप्रैल से लागू होने वाला नगर निगम का नए वित्तीय वर्ष का बजट करीब 50 अरब रुपये का होगा, जो अभी करीब 45 अरब रुपये का है।
पार्षद कोटा बढ़ाने की मांग लगातार दो वर्ष से हो रही है। करीब दो महीने पहले हुई पुनरीक्षित बजट की कार्यकारिणी बैठक में भी कोटे की धनराशि बढ़ाने की मांग उठी थी। नियमों के तहत वित्तीय वर्ष के बीच में कोटा नहीं बढ़ाया जा सकता, ऐसे में इस मांग को मूल बजट के लिए टाल दिया गया था।
अब नये वित्तीय वर्ष का मूल बजट तैयार किया जा रहा है। इसे पास करने के लिए 23 फरवरी को कार्यकारिणी बैठक प्रस्तावित है। नए बजट में पार्षद कोटे में 40 लाख रुपये की बढ़ोत्तरी कर उसे जीएसटी सहित सालाना 2.50 करोड़ रुपये किए जाने की तैयारी है।
कार्य और उनके लिए बजट का प्रस्ताव
370 करोड़ : सड़कों की मरम्मत।
50 करोड़ : पार्कों का रखरखाव।
35 करोड़ : डीजल पेट्रोल खर्च।
15 करोड़ : न्यायालय, विधानसभा, विधान परिषद की समितियों व शासन के निर्देश पर कराए जाने वाले कार्यों के लिए।
15 करोड़ : मॉडल वेंडिंग जोन निर्माण।
10 करोड़ : स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत व नए लगाना।
10 करोड़ : नई सड़कों का निर्माण।
5 करोड़ : औद्योगिक क्षेत्र में विकास में कार्य।
5 करोड़ : नगर निगम की जमीन का सर्वे और उन्हें सुरक्षित करना।
4 करोड़ : ट्रैफिक सुधार के कार्य।
3 करोड़ : भवन निर्माण के लिए।
2 करोड़ : शौचालय मरम्मत
2 करोड़ : कल्याण मंडप का रखरखाव।