भ्रष्टाचार के आरोपी कुशीनगर के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) शैलेंद्र कुमार राय और कई सीडीपीओ पर जल्द कार्रवाई की तैयारी है। डीएम की ओर से कराई गई भ्रष्टाचार की जांच रिपोर्ट शासन को मिल गई है। जांच रिपोर्ट में डीपीओ द्वारा अवैध लोगों को दफ्तर में बिठाकर वसूली कराने, कर्मचारियों का वेतन रोककर शोषण करने समेत कई गंभीर आरोप सही पाए गए हैं।
दरअसल, डीपीओ शैलेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार की कई शिकायतें मिली थीं। शिकायतों के आधार पर डीएम एस राजलिंगम ने सीडीओ को जांच सौंपी थी। सीडीओ ने एसडीएम कप्तानगंज और परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की संयुक्त टीम बनाकर सभी आरोपों की जांच कराई थी। जांच में सारे आरोप सही पाए गए। सिर्फ आंगनबाड़ी की भर्ती में धनउगाही से संबंधित आरोप की पुष्टि नहीं होेने से जांच नहीं की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम कुशीनगर ने डीपीओ समेत अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश शासन को भेज दी है। डीएम की सिफारिश के आधार पर बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने आरोपी डीपीओ और उनके सहयोगी कई सीडीपीओ पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
बाहरी व्यक्ति को दफ्तर में बैठाकर कराते थे वसूली
शैलेंद्र के खिलाफ शिकायत की गई थी कि वे डीपीओ कार्यालय में अनाधिकृत रूप से जयप्रकाश उर्फ पप्पू नाम के व्यक्ति को कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर रखकर अवैध वसूली कराते हैं और उसे आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ रखा है। इसके अलावा करीबी सीडीपीओ सुकरौली मुहम्मद कयूम को खड्डा का अतिरिक्त प्रभार देकर वहां एक बाहरी महिला को अनधिकृत तरीके से कार्यालय में बैठाकर अवैध वसूली कराने, कार्यालय न आने के बाद भी सीडीपीओ कप्तानगंज रोमा सिंह को नियमित वेतन देने, ग्राम पंचायत बरवा रतनपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर कई वर्षों से पोषाहार का वितरण न होने के बाद भी पोषाहार का आवंटन दिखाना और कई सीडीपीओ और मुख्य सेविकाओं का मनमाने तरीके से वेतन रोककर परेशान करते हैं। जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है।