लखनऊ। इस बार होली में सिर्फ एक-दूसरे को रंग लगाने तक उत्साह सीमित नहीं है, बल्कि माहौल को रंगों से भर देने का नया ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। गननुमा ऑटोमेटिक पिचकारी, रंग उड़ाने वाले पॉपर और रंगीन पटाखों ने बाजार में खास जगह बना ली है। इन उपकरणों से रंगों के कारतूस दगते ही चारों ओर गुलाल का घना गुबार फैल जाता है, जो खासकर युवाओं और सामूहिक आयोजनों में आकर्षण का केंद्र बन रहा है। होली के करीब आते ही साफ है कि इस बार रंगों से ज्यादा रंगीन माहौल बनाने की तैयारी शहरभर में जोरों पर है।
होली में अब करीब दस दिन शेष हैं और शहर के बाजार रंगों से सराबोर नजर आने लगे हैं। यहियागंज के थोक बाजारों में खरीदारी तेज हो गई है, वहीं फुटकर दुकानों पर भी होली की सजावट दिखाई देने लगी है। निशातगंज में पिचकारी विक्रेता अरुण सोनकर बताते हैं कि इस बार 400 से 2000 रुपये तक की पिचकारियां उपलब्ध हैं, लेकिन सेल से चलने वाली 1600 रुपये की गननुमा पिचकारी सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है, जिससे रंग भरे कारतूस चलाने पर हवा में गुलाल का गुबार फैलता है।
वहीं 300 रुपये के रॉडनुमा पॉपर को घुमाते ही धमाके के साथ रंग चारों ओर बिखर जाते हैं। डीजे की धुनों के बीच रंगों की बारिश के साथ पार्टी मनाना युवाओं का नया शौक बन चुका है।
यहियागंज बाजार में भगवा रंग की हथौड़ा आकार वाली पिचकारी भी लोगों का ध्यान खींच रही है, जिस पर भाजपा का नाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर अंकित है। कारोबारियों के अनुसार 120 रुपये की यह पिचकारी लखनऊ समेत आसपास के जिलों में अच्छी मांग में है और राजनीतिक थीम वाली पिचकारियों का क्रेज अब भी बरकरार है।
दिवाली की तर्ज पर होली मनाने का चलन भी बाजार में दिख रहा है। रंग छोड़ने वाले विशेष पटाखे स्ट्रॉबेरी, मैंगो और आइसक्रीम फ्लेवर में उपलब्ध हैं। कारोबारी कुश मिश्रा बताते हैं कि अनार, आइस बग्स और मल्टी-शॉट रंगीन पटाखे इस बार सबसे ज्यादा ट्रेंड में हैं। माचिस लगाते ही ये पटाखे हवा में रंगों के बादल बना देते हैं। इनकी कीमत 150 रुपये से 1300 रुपये तक है। टू-शॉट से लेकर 16-शॉट पटाखे एक साथ कई रंगों की बौछार करते हैं।
हर्बल गुलाल छोटी पैकिंग में 5 से 25 रुपये तक उपलब्ध है। सामान्य गुलाल 12 से 90 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। पक्के रंग 200 से 2000 रुपये प्रति किलो तक हैं। प्रीमियम रंग चेहरे पर लगाने के बाद लाल से सुनहरे रंग में बदलने की वजह से आकर्षित कर रहे हैं।
राजधानी में चढ़ा होली का खुमार।
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