बिजली का बिल जमा न करने वाले सरकारी विभागों और आवासों में अब प्री-पेड मीटर के जरिये बिजली आपूर्ति की जाएगी। पावर कार्पोरेशन ने लखनऊ व गाजियाबाद के सभी सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ पूरे प्रदेश में सरकारी आवासों पर प्री-पेड मीटर लगवाने का फैसला किया है।
कार्पोरेशन की ओर से 31 दिसंबर तक अभियान चलाकर सरकारी, अर्द्धसरकारी, शासकीय तथा स्वायत्तशासी संस्थाओं के कार्यालयों, परिसरों व आवासीय भवनों में प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे। 1 जनवरी 2018 से बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाकर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई है।
हाल ही में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिये सरकारी विभागों पर 10 हजार करोड़ रुपये बिजली का बकाया होने की जानकारी दी थी। इसके बाद पावर कार्पोरेशन प्रबंधन हरकत में आ गया है। प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए यह भी जरूरी है कि जितनी बिजली दी जा रही है उतने की राजस्व वसूली भी हो।