निगोहां। कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। दूसरे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। इसके बाद मृतका के मायके पक्ष, ससुराल पक्ष और अस्पताल प्रबंधन के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने स्थिति को किसी तरह नियंत्रण में किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दयालपुर मजरा परमेश्वरखेड़ा निवासी मजदूर शैलेंद्र कुमार की पत्नी प्रेमलता (26) को 18 अगस्त को निगोहां के एक निजी अस्पताल में पीलिया के इलाज के लिए भर्ती किया गया था। मंगलवार देर रात प्रेमलता की हालत अचानक बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने उसे तत्काल दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन जब एम्बुलेंस से उसे दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
मायके पक्ष का आरोप है कि ससुरालीजनों ने एम्बुलेंस को रास्ते में काफी देर तक रोककर अस्पताल चुनने में समय गंवाया, जिससे प्रेमलता की हालत और बिगड़ गई और उसकी जान चली गई। मौत की सूचना पाकर मायके वाले भी अस्पताल पहुंचे और ससुराल पक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान मृतका का भाई शैलेंद्र घायल हो गया।
मृतका के पिता, बछरांवा के लोधईखेड़ा निवासी सुखराम ने पति शैलेंद्र और अन्य ससुराल पक्ष पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। प्रेमलता की डेढ़ वर्षीय बेटी पीहू है।
वहीं, अस्पताल संचालक डॉ. एनके मौर्य का कहना है कि महिला पीलिया के इलाज के लिए भर्ती की गई थी। उसका उपचार चल रहा था, लेकिन मंगलवार देर रात स्थिति गंभीर होने पर रेफर किया गया। वहीं थाना प्रभारी अनुज तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।