कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी तथा समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता रहे स्व. मोहन सिंह की पुत्री कनकलता सिंह राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं।
राज्यसभा की दो खाली सीटों के उपचुनाव में प्रमोद व कनकलता के खिलाफ कोई भी उम्मीदवार नहीं उतरा।
शुक्रवार को नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर व विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने दोनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।
प्रमोद तिवारी तथा कनकलता को विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जीत का प्रमाण पत्र दिया गया। प्रमोद अपना प्रमाण पत्र लेने के लिए खुद मौजूद थे जबकि कनकलता का प्रमाण पत्र पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अंबिका चौधरी ने लिया।
प्रमोद तिवारी ने कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में 10 दिसंबर को नामांकन भरा था। समाजवादी पार्टी ने समर्थन देकर उनके राज्यसभा पहुंचने का रास्ता साफ किया। वहीं सपा प्रत्याशी कनकलता ने 9 दिसंबर को नामांकन भरा था।
इनमें एक सीट मोहन सिंह के निधन से खाली हुई थी जबकि दूसरी सीट कांग्रेस के रशीद मसूद को सुप्रीम कोर्ट द्वारा घोटाले का दोषी ठहराए जाने के कारण उनकी सदस्यता रद्द होने से खाली हुई थी।
कनकलता का कार्यकाल 4 जुलाई 2016 तथा प्रमोद का 2 अप्रैल 2018 तक रहेगा। निर्वाचन के बाद प्रमोद तिवारी ने कहा कि वे 34 साल से प्रदेश विधानसभा के सदस्य हैं। अब राज्यसभा में यूपी की समस्याओं को उठाएंगे और राज्य के विकास में दिल्ली से मदद करेंगे।