मुख्यमंत्री आवास में लगा कीर्तन दरबार
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भगवा पगड़ी और भगवा कपड़ा बांधे लोग, गुरुवाणी का कीर्तन, बोले सो निहाल सत श्री अकाल की गूंज। आम लोगों के साथ एक ही कतार में जमीन पर बैठकर लंगर छकते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और सरकार के कई मंत्री। मंगलवार को 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर ऐसा ही नजारा था। गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री आवास में पहली बार कीर्तन दरबार सजा और लंगर भी हुआ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में गुरुनानक देव से जुड़े स्थलों का विकास कराने की घोषणा की। उन्होंने पंजाबी अकादमी, पर्यटन, सूचना और अन्य संबंधित विभागों को इसकी योजना बनाने को कहा। योगी ने कहा कि गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश उत्सव का आयोजन पूरे प्रदेश में भव्यता व दिव्यता से किया जाएगा। गुरु नानक देव स्टडी सर्किल की ओर से तैयार सिख परंपरा के इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। युवाओं को सिख गुरुओं के त्याग, तपस्या और बलिदान से अवगत कराने के लिए स्टडी सर्किल के कार्यक्रम में सरकार सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव ने बाबर के अत्याचारों का डटकर विरोध किया। गुरुनानक देव से जो परंपरा शुरू हुई और गुरु गोविंद सिंह तक जो शक्ति पुंज बनकर उभरा, वह केवल खालसा पंथ और सिख समाज के लिए नहीं था, बल्कि इस देश और धर्म की रक्षा के लिए था। पूूरे भारतीय समाज को गुरु परंपरा से जुड़े पर्व-त्योहार मनाने चाहिए।
गुरु नानक का संदेश मानवता के लिए पूरे भारत का संदेश है। भक्ति, शक्ति, पुरुषार्थ और परिश्रम के हर क्षेत्र में सिख समाज आगे दिखता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिख समाज के संतों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। वहीं, सिख समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न और मंत्री बलदेव सिंह औलख ने मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट किया। इस अवसर पर नगर विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन भी उपस्थित थे।