केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि शिक्षा के लिहाज से उत्तर प्रदेश की स्थिति चिंताजनक है। बीते डेढ़ दशक में यूपी पिछड़ गया है।
शिक्षा के लिए केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग नहीं करने और केंद्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं करने वाले प्रदेशों में यूपी सबसे आगे है।
उन्होंने कहा, भाजपा की सरकार बनने पर प्रदेश में शिक्षकों के रिक्त दो लाख पदों पर भर्तियां की जाएंगी। साथ ही एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
सोमवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में जावड़ेकर ने कहा कि यहां पीजी, एमबीए और पीएचडी वाले हजारों युवा सफाई कर्मी की भर्ती के लिए आवेदन कर रहे हैं। इससे यहां की शिक्षा व्यवस्था का पता चलता है।
कहा कि केंद्र ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति को क्लीन चिट नहीं दी है। उनके खिलाफ आए अन्य मामलों की भी जांच कराई जा रही है। भाजपा सरकार बनने पर यूपी में शिक्षा क्षेत्र में हुए भ्रष्टाचार की भी जांच होगी।
बंद करेंगे फीस की लूट खसोट
केंद्रीय मंत्री ने कहा, प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर निजी स्कूलों की फीस के नाम पर लूट खसोट पर अंकुश लगाया जाएगा। इस बाबत योजना तैयार है। गांवों व शहरों में अध्यापकों की पर्याप्त तैनाती होगी।
छात्रों को साल भर में 900 रुपये में मिलने वाली एनसीईआरटी की पुस्तकों के लिए 5-5 हजार रुपये लिए जा रहे थे लेकिन अब केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि ये किताबें 900 रुपये में ही दी जाएं। ये किताबें सबको आसानी से उपलब्ध कराई जाएंगी।
क्या यही है महिला सुरक्षा की गारंटी
जावड़ेकर ने यूपी की कानून व्यवस्था पर भी निशाना साधा। कहा कि क्या यहां मंत्री गायत्री प्रजापति, विधायक अरुण वर्मा और बसपा महासचिव नसीमुद्दीन ही महिला सुरक्षा की गारंटी हैं। सीएम बलात्कार के आरोपी विधायक एवं मंत्री का चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
'तीसरे चरण में साफ हो गया किसकी सरकार बनेगी'
उन्होंने कहा, यूपी में बलात्कार, हत्या, लूट, जमीनों पर कब्जे, बेरोजगारी और गरीबी से त्रस्त जनता ने भाजपा को वोट दिया है। तीसरे चरण के बाद साफ हो गया है कि भाजपा को 300 से अधिक सीटें मिलेंगी।
52 लाख महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन
उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने यूपी में 52 लाख महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क एलपीजी कनेक्शन दिया।
53 लाख से ज्यादा अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग के लोगों और महिलाओं को मुद्रा योजना में ऋण दिया गया। हृदय रोग के इलाज में इस्तेमाल होने वाले स्टेंट की कीमत घटाकर 30 हजार रुपये की गई।