अपनी कई मांगों को लेकर गांधी भवन से मुख्यमंत्री निवास तक मार्च निकाल रहे प्रधानों पर पुलिस का कहर बरपा।
पुलिस के लाठीचार्ज में राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई कई प्रधान घायल हो गए।
आक्रोशित प्रधानों ने ग्राम पंचायतों में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बंद करने और लोकसभा चुनाव में सपा का विरोध करने का ऐलान किया।
ग्राम प्रधानों ने करीब एक साल पहले राजधानी में प्रदर्शन करके सरकार को 40 सूत्रीय ज्ञापन दिया था। इस पर दो बार प्रमुख सचिव पंचायती राज के नेतृत्व में उच्चस्तरीय वार्ता हुई।
21 मांगों पर सहमति बन गई, लेकिन कई माह बीतने के बाद भी शासनादेश जारी नहीं हुआ। सरकार को अपने वादे की याद दिलाने के लिए पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन ने सोमवार को चेतावनी मार्च का ऐलान किया था।
प्रदेश भर से हजारों किसानों सवेरे गांधी भवन पहुंचे। करीब दो घंटे भाषणबाजी के बाद दोपहर में सवा बारह बजे प्रधानों ने गांधी भवन से सीएम निवास के लिए पैदल मार्च शुरू किया।
प्रधानों को रोकने के लिए प्रशासन से शहीद स्मारक के सामने बेरिकेडिंग कर रखी थी। वहां प्रधानों और पुलिस के बीच गुत्थमगुत्था हुई। प्रधानों जैसे ही दूसरे तरफ से आगे बढ़े पुलिस ने लाठियां बरसानी शुरू कर दी।
लाठियां चलने के बाद प्रधानों ने बैरिकेडिंग पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीबी पांडेय ने कहा कि एक सप्ताह में प्रधानों की मांगे नहीं मानी गईं तो लोकसभा चुनाव में हर गांव में सपा को हराने का काम करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद शर्मा ने कहा कि प्रधान पंचायतों में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं करेंगे। तय हुआ कि जब तक शासन-प्रशासन से कोई जिम्मेदार अफसर आकर बातचीत नहीं करेगा, धरना जारी रहेगा।
ये हैं प्रमुख मांगे
- 73वें संविधान संशोधन के अनुरूप 30 विभागों क्ो पंचायतों के नियंत्रण में लाया जाए।
- ग्राम प्रधान को दस हजार रुपये मानदेय दिया जाए।
- प्रधानों को जेल भेजने से पहले उनके विभागाध्यक्ष से अनुमति ली जाए।
- दुर्घटना में प्रधान की मृत्यु पर 10 लाख और बीमारी से मरने पर परिवार को पांच लाख रुपये सहायता दी जाए।
- प्रत्येक ग्राम पंचायत को एक सचिव उपलब्ध कराया जाए।
- पंचायतों से संबंधित पूर्व के शासनादेशों पर अमल कराया जाए।
- जिला मुख्यालय पर प्रधानों के लिए क्ार्यालय कक्ष की व्यवस्था की जाए।
- जिला स्तर पर हर माह प्रधानों और अधिकारियों के बीच बैठकें कराई जाए।
- ग्राम प्रधानों को रोडवेज में निशुल्क यात्रा क्ी सुविधा दी जाए।
- जिला योजना में ब्लाक से एक प्रधान सदस्य मनोनीत किया जाए।
- ग्राम प्रधानों को आय, जाति प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार दिया जाए।
- मनरोगा की मजदूरी क्षेत्रीय आधार पर तय की जाए।