बजट के अभाव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के काम एक बार फिर जहां के तहां थम गए हैं।
पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत धनराशि का एक तिहाई हिस्सा भी नहीं मिला। नतीजतन ज्यादातर सड़कों का निर्माण लटका हुआ है।
वर्ष 2013-14 में पीएमजीएसवाई के फेज नौ और दस के तहत प्रदेश में 2300 सड़कें स्वीकृत हुई थीं। इस दोनों फेज में प्रदेश के सभी जिले शामिल हैं।
इसके लिए 3400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। लेकिन अभी तक सिर्फ 1091 करोड़ रुपये ही मिले हैं।
जबकि, जल्द बजट मिलने की संभावना के चलते करीब 1500 करोड़ रुपये का काम करा लिया गया।
यूपीआरआरडीए के सूत्रों के मुताबिक, 2300 में से 1012 सड़कें पूरी हो चुकी हैं। ठेकेदारों ने पेमेंट न हो पाने के चलते आगे काम करने से इनकार कर दिया है।
ऐसी स्थिति पहले भी एक-दो बार आ चुकी है।
यहां बता दें कि इस बाबत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव केंद्र सरकार को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक बाकी बची धनराशि रिलीज नहीं की गई है।