गत 25 दिसंबर को कार्यकाल खत्म होने से पहले जिले के पूर्व प्रधानों ने ताबड़तोड़ भुगतान किया। मात्र पांच दिन में 20.63 करोड़ रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर दिया। हालांकि खामियां होने पर करीब 34 लाख रुपये का भुगतान रिजेक्ट कर दिया गया, जबकि 15.10 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक खातों में नहीं भेजा गया है। 2700 एफटीओ का पास करके अब तक मात्र 5.19 करोड़ रुपये ही खातों में भेजे गए हैं।
पांच साल पूरा होने पर बीती 25 दिसंबर को 989 ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया। शासन से आदेश दिए थे कि 25 दिसंबर के बाद कोई भी प्रधान भुगतान की प्रक्रिया नहीं करेगा। यदि इसके बाद भी भुगतान किया जाता है तो इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए प्रधानों और संबंधित सचिवों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। प्रधानों ने 25 दिसंबर के पहले मात्र पांच दिन में ताबड़तोड़ भुगतान किए। कई पुराने मामलों में भी प्रधानों ने भुगतान कर दिया।
बीती 20 से 25 दिसंबर के बीच प्रधानों ने 12224 एफटीओ के माध्यम से 20.63 करोड़ रुपये का भुगतान अपने स्तर से कर दिया। जांच में अब तक 163 एफटीओ रिजेक्ट करके करीब 34 लाख रुपये का भुगतान रोक दिया गया है। 2700 एफटीओ स्वीकृत करते हुए 5.19 करोड़ रुपये का ही भुगतान अब तक खातों में भेजा गया है। 15.10 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इसको लेकर पूर्व प्रधानों में अफरातफरी मची है।
डीपीआरओ उपेंद्रराज सिंह ने बताया कि प्रधानों को 25 दिसंबर तक ही भुगतान के आदेश थे। कार्यकाल खत्म होने के बाद उनकी डीएससी को रिजेक्ट कर दिया गया है। 20 से 25 दिसंबर के बीच प्रधानों ने 20.63 करोड़ का भुगतान किया है। हालांकि अब तक पांच करोड़ रुपये ही खाते में गए हैं। 15.10 करोड़ का भुगतान लंबित है।
छतोह में एक रुपये भी अब तक खातों में नहीं पहुंचे
छतोह की 44 ग्राम पंचायतों ने 1.01 करोड़ रुपये का भुगतान पांच दिन में किया, लेकिन अब तक एक भी रुपये खाते में नही भेजे गए हैं। 3.10 लाख रुपये का भुगतान रिजेक्ट होने के बाद शेष भुगतान अब भी पेंडिंग है। इसके अलावा बछरावां और जगतपुर में भी मात्र 13-13 लाख रुपये ही भुगतान अब तक खातों में भेजा जा सका है।