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प्रधानमंत्री योजना से जुड़ने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, 44 हजार मकान बनाने को मंजूरी

Fri, 23 Jun 2017 01:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,
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डेमो प‌िक
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शहरी गरीबों को सस्ता मकान मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना (पीएमएवाई) के तहत प्रदेश में 44,335 मकान बनाने के प्रस्ताव को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। ये मकान प्रदेश के 145 शहरों में बनाए जाएंगे। 
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इसके साथ ही बंद हो चुकी राजीव गांधी आवास योजना की लंबित आवासीय परियोजनाओं समेत केंद्र द्वारा संचालित ‘बेसिक सर्विसेज फॉर अर्बन पूअर’ (बीएसयूपी) व ‘इंटीग्रेटेड हाउसिंग एंड स्लम डवलपमेंट प्रोग्राम’ (आईएचएसडीपी) के तहत बन रहे मकानों भी पीएमएवाई में शामिल करने का फैसला किया गया है। 

दरअसल पिछले महीने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायूडू ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केसाथ सभी केंद्रीय योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की थी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्वारा शुरू की गई अतिमहत्वाकांक्षी पीएमएवाई की स्थिति काफी खराब पाई गई थी। 
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बीते एक साल में इस योजना के तहत एक भी मकान नहीं बन पाया था। इस पर नायडू ने मुख्यमंत्री से पीएमएवाई को गति देने को लेकर बात की थी और आश्वासन दिया था कि यूपी यदि जल्द जल्द प्रस्ताव भेजता है तो केंद्र के स्तर पर कोई अड़चन नहीं आएगी।
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ये परियोजनाएं भी पीएमएवाई में होंगी शामिल

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Yes Bank
इस आधार पर प्रदेश में पीएमएवाई केक्रियान्वयन के लिए नियुक्त नोडल एजेंसी सूडा ने 44,335 मकान बनाने की डीपीआर तैयार की थी। प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इसे केंद्र को भेजा गया था। वहां से करीब एक सप्ताह में ही प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।

केंद्र ने बंद हो चुकी राजीव गांधी आवास योजना के तहत लंबित परियोजनाओं को भी पीएमएवाई में शामिल करने को मंजूरी दे दी है। इस योजना के बंद होने के कारण 8217 मकानों का निर्माण अधूरा पड़ा है। 

इसके अलावा केंद्र द्वारा संचालित बीएसयूपी के तहत बन रहे 45,599 और आईएचएसडीपी के तहत बन रहे 37,818 मकानों को भी पीएमएवाई में शामिल करने पर सहमति बन गई है। इस प्रकार पीएमएवाई के तहत प्रदेश में अब कुल 1 लाख 35 हजार 969 मकान बनाने का रास्ता साफ हो गया है। 
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