लखनऊ। हर साल गर्मी के दौरान बढ़ते बिजली संकट से निपटने के लिए बिजली विभाग ने अभी से लोड के मुकाबले लाइन और ट्रांसफार्मर के नेटवर्क को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। लखनऊ मध्य जोन की करीब तीन लाख की आबादी को बिजली संकट से राहत दिलाने के लिए बिजनेस प्लान 2026-27 के तहत सुधार कार्य शुरू करा दिए गए हैं। मध्यांचल निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इन कार्यों पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस राशि से 33 केवी की नई लाइनें बनाने के साथ ही पांच और 10 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। काम पूरा होने के बाद करीब 60 हजार उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
अर्जुनगंज के लिए बन रही 33 केवी की लाइन
इस गर्मी में अर्जुनगंज के करीब 5,000 उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। अगली गर्मी में करीब 15 हजार आबादी को राहत देने के लिए 220 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र से अर्जुनगंज उपकेंद्र तक 33 केवी की अतिरिक्त लाइन बनाने का काम शुरू किया जा रहा है। यहां पांच एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाने के लिए चबूतरा भी तैयार हो चुका है।
यूपीआईएल उपकेंद्र पर लगेगा पावर ट्रांसफार्मर
मोतीनगर, आर्यनगर, राजेंद्रनगर, वसीरतगंज, सिंधी कॉलोनी और ऐशबाग रोड के करीब 12 हजार उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए यूपीआईएल उपकेंद्र पर पांच एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसके लिए 132 केवी महताब बाग ट्रांसमिशन उपकेंद्र से यूपीआईएल उपकेंद्र तक भूमिगत लाइन बन रही है।
राजाजीपुरम ओल्ड उपकेंद्र की बढ़ाई जा रही क्षमता
अधीक्षण अभियंता केके चौधरी के मुताबिक, इस साल गर्मी में राजाजीपुरम ओल्ड उपकेंद्र पर भी काफी समस्याएं सामने आई थीं। अगले साल ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाई जा रही है। यहां लगे पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर को हटाकर 10 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है।
उद्योगों को भी मिलेगी बेहतर बिजली
तालकटोरा और ऐशबाग की औद्योगिक इकाइयों को बेहतर बिजली आपूर्ति देने के लिए दोनों उपकेंद्रों के बीच इंटरलिंकिंग 33 केवी लाइन बनाने की तैयारी है। इससे अपट्रॉन उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बाधित होने पर वैद्य स्टील उपकेंद्र से और वैद्य स्टील उपकेंद्र की आपूर्ति बाधित होने पर अपट्रॉन उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। इससे औद्योगिक इकाइयों को बिजली संकट से राहत मिलेगी।
Iइस गर्मी में 33 केवी लाइनों के अभाव और उपकेंद्रों के ओवरलोड होने के कारण उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा था। आगामी 2027-28 की गर्मी में उपभोक्ताओं को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए अभी से सुधार कार्य कराए जा रहे हैं।I
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- रवि कुमार अग्रवाल, मुख्य अभियंता, लखनऊ मध्य जोनI