बारिश में पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त खंभे और तार।
लखनऊ। पिछले दिनों हुई बारिश से राजधानी के चारों जोन में 90 ट्रांसफार्मर और 570 खंभे क्षतिग्रस्त हुए। ट्रांसफार्मर के अंदर पानी जाने से उसमें शॉर्ट सर्किट आैर धमाका हो जाता है। इस नुकसान से बिजली विभाग को अनुमानित पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लगी है। हालांकि, सोमवार को 90 फीसदी बिजली संकट की समस्या का समाधान हो गया।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अफसरों ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान अमौसी जोन में हुआ। यहां 25 से 630 केवीए के 50 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। पेड़ गिरने से 341 सीमेंट, स्टील के खंभे, तार टूटे, जिससे आपूर्ति सामान्य होने में तीन दिन लग गए। जानकीपुरम में 26 ट्रांसफार्मर और 109 खंभे क्षतिग्रस्त हुए। इससे जानकीपुरम, बीकेटी, इटौंजा, फैजुल्लागंज, महानगर आदि में बिजली आपूर्ति में अवरोध उत्पन्न हुआ था। तीसरे नंबर पर गोमतीनगर में 14 ट्रांसफार्मर और 20 खंभे टूटे, जिससे चिनहट और गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार में आपूर्ति में व्यवधान आया था। लखनऊ मध्य में सिर्फ एक ट्रांसफार्मर चबूतरे से लुढ़का था, जबकि कोई टूट फूट नहीं हुई। जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त नेटवर्क को बदलकर आपूर्ति सामान्य कर दी गई है।
बारिश में पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त खंभे और तार।
बारिश में पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त खंभे और तार।
बारिश में पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त खंभे और तार।
बारिश में पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त खंभे और तार।
बारिश में पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त खंभे और तार।
बारिश में पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त खंभे और तार।