महंगाई की मार झेल रही जनता पर दीवाली से पहले बिजली बम फूटा है। घरेलू बिजली की दरों में औसतन 12 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। वहीं शहरी घरेलू दरों में अब तीन के बजाय चार स्लैब हो गए हैं। इससे कम बिजली खर्च करने वालों को कम तो ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी होगी।
छोटे किसानों की बिजली दरों में कोई इजाफा नहीं किया गया है। मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं की दरें 4.51 फीसदी तथा बिना मीटर वाले उपभोक्ताओं की दरें 16 फीसदी बढ़ाई गई हैं। बगैर मीटर के बिजली का उपभोग करने वाले विभागीय कर्मचारियों की दरों में 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
भाजपा के जबर्दस्त विरोध और हंगामे के बीच राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बुधवार को वर्ष 2015-16 के लिए नई बिजली दरों का ऐलान कर दिया। आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा, सदस्य इंदु भूषण पांडेय व मीनाक्षी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई दरों का ऐलान किया। इसमें लाइन हानियां घटाने, राजस्व वसूली समेत परफॉर्मेंस के अन्य पैरामीटर तय किए गए हैं।
लक्ष्य हासिल न होने पर अगले वर्ष टैरिफ बढ़ाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बढ़ोतरी से कॉर्पोरेशन को 2685 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है। पावर कॉर्पोरेशन के नई दरों का सार्वजनिक प्रकाशन कराए जाने के एक सप्ताह बाद नई दरें प्रभावी हो जाएंगी। सरकार की मंजूरी लेने के बाद कॉर्पोरेशन सार्वजनिक सूचना का प्रकाशन कराएगा।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग बिल
शहरी क्षेत्र: 500 यूनिट से ज्यादा खपत तो 5.50 रुपये यूनिट चुकाने होंगे
शहरी क्षेत्रों में प्रतिमाह 500 यूनिट से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करने वालों को अब पांच रुपये के बजाय 5.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल भरना पड़ेगा जबकि 150 यूनिट तक चार रुपये, 151 से 300 यूनिट तक 4.50 रुपये तथा 301 से 500 यूनिट तक पांच रुपये प्रति यूनिट की दर तय की गई है। फिक्स चार्ज 75 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह यथावत है।
ग्रामीण क्षेत्र: कनेक्शन के हिसाब से नहीं किलोवाट के हिसाब से बिल
ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को अब 180 रुपये प्रति कनेक्शन के स्थान पर 180 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से बिल भरना पड़ेगा। वहीं मीटर वाले ग्रामीण उपभोक्ताओं की दरों में किसी तरह की वृद्धि नहीं की गई है। राजकीय नलकूप की दरों में 16.27 फीसदी की वृद्धि हुई है। कृषि (राजकीय नलकूप सहित ) दरों में औसत 12.20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
गरीबों को कम बिजली उपभोग पर राहत
गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लाइफ लाइन उपभोक्ताओं के लिए 50 यूनिट तक बिजली के मूल्य में 20 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है जबकि 51-150 यूनिट तक के उपभोग पर 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।
कॉमर्शियल उपभोक्ताओं की दरों में 6.28 फीसदी की बढ़ोतरी
कॉमर्शियल उपभोक्ताओं की दरों में 6.28 तथा उद्योगों की दरों में 7.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सब पर बढ़ा रेग्युलेटरी सरचार्ज का बोझ
खास बात यह है कि सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को मौजूदा समय में प्रभावी 2.84 फीसदी के अलावा 2.32 फीसदी अतिरिक्त रेग्युलेटरी सरचार्ज देना पड़ेगा।
यानी सरचार्ज के रूप में अब कुल 4.16 फीसदी चुकाने होंगे। रेग्युलेटरी सरचार्ज को जोड़कर घरेलू बिजली दरों में 14.32 फीसदी की वृद्धि हुई है जबकि कुल मिलाकर दरों में औसतन 11.32 फीसदी का इजाफा हुआ है।