यूपी के सभी सरकारी विभागों, निगम, बोर्ड और आयोगों के दफ्तरों में अब प्री-पेड मीटर के जरिये बिजली दी जाएगी। सरकारी विभागों के समय से बिजली बिल का भुगतान न किए जाने को देखते हुए ऊर्जा विभाग ने यह फैसला किया है।
इसके साथ ही सरकार ने इस साल बिजली की दरों में इजाफा न करने के भी संकेत दिए हैं। पावर कॉर्पोरेशन व बिजली कंपनियां राजस्व वसूली बढ़ाकर अपने खर्चों को पूरा करेंगी।
प्रदेश के उपभोक्ताओं पर बिजली का कुल लगभग 21 हजार करोड़ रुपये बकाया है। इसमें से करीब 10 हजार करोड़ सरकारी विभागों, आयोगों, बोर्डों तथा निगमों पर बकाया है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि बिजली बिल जमा करने में लेटलतीफी और लापरवाही को देखते हुए सभी सरकारी दफ्तरों में प्री-पेड मीटर लगाकर बिजली देने का फैसला किया गया है।
इससे बकाया वसूली का झंझट खत्म होगा और बिजली कंपनियों को एडवांस में बिजली का पैसा मिल जाएगा। पावर कॉर्पोरेशन सरकारी विभागों को बकाया बिल जमा करने के लिए जल्द ही नोटिस भेजेगा।
सभी जिलों में स्थापित होंगे बिजली थाने
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली चोरी रोकने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में अलग से बिजली थाने स्थापित किए जाएंगे। इन थानों में पुलिस के अधिकारियों व सिपाहियों को प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया जाएगा। बिजली चोरी करने व कराने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिना दरें बढ़ाए फायदे में लाएं बिजली कंपनियों को
सूत्रों के अनुसार सरकार ने नियामक आयोग के समक्ष वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) व टैरिफ प्रस्ताव दाखिल करने की तैयारी में जुटे पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बिना बिजली की दरें बढ़ाए ही बिजली कंपनियों को फायदे में लाने की कोशिश करें।
सरकार का मानना है कि पिछला बकाया वसूलने के साथ-साथ बिजली चोरी पर अंकुश तथा लाइन हानियां कम करके न सिर्फ बिजली कंपनियों के घाटे की भरपाई की जा सकती है बल्कि उन्हें मुनाफे में भी लाया जा सकता है।
प्रदेश के बिजलीघरों में पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध है और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता भी है। ऐसे में दरें क्यों बढ़ाई जाएं? सरकार का जोर बिजली कंपनियों में दक्षता वृद्धि करके घाटे में कमी लाने पर है।
नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं तो कटेगा कनेक्शन
शर्मा ने कहा कि घरेलू, कॉमर्शियल व औद्योगिक उपभोक्ताओं पर बकाये की वसूली के लिए जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा।
इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को बकाये पर सरचार्ज में छूट देकर चार किस्तों में बिल जमा करने की सुविधा दी जा रही है।
इसके बाद भी जो बिल जमा नहीं करते हैं, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस के बाद भी बकाया बिल का भुगतान न करने वालों के कनेक्शन काटे जाएंगे।