पारेषण विद्युत लाइन में आई खराबी से शहर के विभिन्न इलाकों में बिजली
संकट खड़ा हो गया। तकनीकी खराबी आने से दो दर्जन से अधिक विद्युत उपकेंद्र
प्रभावित हो गए।
आनन-फानन में अभियंताओं ने टीम ने खराबी दूर करने के लिए
मोर्चा संभाला। एक घंटे से अधिक की मेहनत के बाद 18 विद्युत उपकेंद्रों की
बिजली बहाल हो पाई। जबकि बिजली की आवाजाही का क्रम देर रात तक रहा।
मुख्य
अभियंता शमीम अहमद ने बताया कि 220 केवी पारेषण लाइन में आई खराबी से
बिजली दोपहर 2:04 से 3: 05 बजे तक बाधित रही। तकनीकी खराबी से 18
उपकेंद्रों की बिजली गुल होने का दावा किया।
जबकि सूत्रों के मुताबिक, शहर
के विभिन्न 36 विद्युत उपकेंद्रों से होने वाली आपूर्ति एक घंटे से अधिक
समय तक गुल रही। एक साथ बिजली गुल होने की जद में आए मेडिकल कॉलेज के
अलावा गऊघाट स्थित रॉ-वाटर स्टेशन से पेयजलापूर्ति पर असर पड़ा।
देर रात तक
प्रभावित उपकेंद्रों के बिजली उपभोक्ताओं को बिजली की आवाजाही झेलनी
पड़ी। प्रभावित होने वाले उपकेंद्रों में फतेहगंज, काकोरी, मलिहाबाद, माल,
खुर्रमनगर, बालाघाट, गऊघाट, चौपटिया, नीबू पार्क, विक्टोरिया गंज, मेडिकल
कॉलेज, नादान महल रोड़, अमीनाबाद, रेजीडेंसी, इक्का तांगा स्टैंड, लखनऊ
विश्वविद्यालय में बिजली गुल होने से कामकाज प्रभावित रहा।
इंजीनियरिंग
कॉलेज, जानकीपुरम के जीपीआर, जीएसआई, विकासनगर, इंदिरानगर मुंशीपुलिया,
सेक्टर 25 इंदिरानगर, खुर्रमनगर, कल्याणपुर, चिनहट क्षेत्र में बिजली दो
घंटे गुल रही। इससे पेयजलापूर्ति भी प्रभावित हुई।