फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पावर कारपोरेशन ने दिया था दो बार जीएसटी वसूलने का आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी में पावर कॉर्पोरेशन के आदेश पर ही कनेक्शन देने के लिए आवेदकों से दो-दो जीएसटी की वसूली की जा रही है।
विज्ञापन

यह आदेश अधिशासी निदेशक (लेखा एवं समप्रेक्षा) पीएन सहाय ने नौ अप्र्रैल 2019 को सभी विद्युत वितरण निगमों के आहरण एवं वितरण अधिकारी को जारी किया था।
इसके तहत पूरे प्रदेश में बिजली विभाग आवेदक के खर्चे पर बनने वाली लाइन व सिस्टम (डिपॉजिट वर्क) के कार्य पर 18-18 फीसदी की दो जीएसटी की वसूली की जा रही है। इससे कुल एस्टीमेट पर 18 फीसदी अधिक रकम जमा करनी पड़ रही है।
अधिशासी निदेशक ने अधिकारियों को सचेत किया वह दो-दो जीएसटी को सीधे न लगाएं। एक जीएसटी को ऐसे लगाएं, जिससे आवेदक को पता न चले।
अधिशासी निदेशक ने तरीका बताया कि स्टीमेट बनाने से पहले मैटीरियल के रेट का रेस्पो (रूरल इलेक्ट्रिक सप्लाई प्रोजेक्ट ऑर्गनाइजेशन) शेड्यूल रेट से मिलान कर लें।
विज्ञापन

यदि मैटीरियल के रेस्पो रेट में जीएसटी को जोड़ा नहीं गया तो 18 फीसदी जीएसटी जोड़ने के बाद नए रेट की गणना करें। मगर अधिकारी सीधे 18 फीसदी जीएसटी जोड़ रहे हैं।
विज्ञापन

ऐेसे लगा रहे दो-दो जीएसटी
अधिशासी निदेशक ने डिपॉजिट वर्क पर दो-दो जीएसटी वसूलने का तरीका गणना करके बताया है। यानी पहले सप्लाई की बनने वाली लाइन में जितना भी मैटेरियल इस्तेमाल हो, उनके स्टॉक इश्यू रेट (पावर कॉर्पोरेशन द्वारा मैटीरियल के तय रेट) में 18 फीसदी जीएसटी को जोड़ कर नए रेट (आवेदक के लिए) को तैयार किया जाता है। फिर कुल मैटेरियल की जो लागत आती है, उसके ऊपर फिर 18 फीसदी जीएसटी को जोड़ करके आवेदक को जमा करने के लिए दिया जा रहा है। यानी एक लाख के स्टीमेट पर 18 हजार रुपये मनमाने वसूले जा रहे हैं।
प्रमुुख मैटेरियल पर दो-दो जीएसटी से कीमत का अंतर (रुपये)
मैटेरियल स्टॉक रेट एस्टीमेट रेट
एसटीपी पोल 11 मीटर 15,020 17,757
11 केवी केबल प्रति मीटर 532 614
63 केवीए ट्रांसफार्मर 1,0,2042 1,23,423
एबीसी एलटी केबल प्रति मीटर 143.59 277
(नोट : 11 केवी केबल 3 गुणा 50 साइज का)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें