बिजली दरें नहीं बढ़ाने के सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के बयान के दो दिन बाद सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिजली कंपनियों के ऑडिट कराए जाने के संकेत दे दिए।
मुख्यमंत्री का कहना है कि जरूरत पड़ने पर बिजली कंपनियों का ऑडिट कराया जा सकता है। उनसे दिल्ली की तर्ज पर बिजली कंपनियों का ऑडिट और बिजली दरें कम करने को लेकर सवाल पूछा गया था।
एक कार्यक्रम में सोमवार को पत्रकारों से कहा कि प्रदेश में आने वाले दिनों में कई बिजलीघर बनकर तैयार होंगे। अगले तीन महीने में बिजली उत्पादन बढ़ेगा। इसका लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
जब उनसे यह पूछा गया कि क्या यहां भी बिजली दरों में कमी की जा सकती है, सीधा जवाब न देते हुए सीएम ने पूर्ववर्ती मायावती सरकार पर निशाना साधा।
उनका कहना था कि जब सपा सरकार बनी थी तो बिजली सेक्टर 35 हजार करोड़ के घाटे में था। न तो कोई बिजली देने को तैयार था न ही बैंक कर्ज देने को। लेकिन सपा सरकार बिजली क्षेत्र में लगातार काम कर रही है।
रिपोर्ट मांगने का मतलब केस वापसी नहीं
मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपियों बसपा सांसद कादिर राणा व 16 अन्य के मुकदमे वापस लेने के संबंध में रिपोर्ट के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी को बचा नहीं रही है। रिपोर्ट मांगने का मतलब यह नहीं है कि केस वापस लिया जा रहा है।