सपा सरकार की प्रतिदिन एक करोड़ अंडा उत्पादन योजना केंद्र सरकार को भा गई है।
केंद्र व राज्य सरकार की दूसरी कुक्कुट विकास योजनाओं पर किए जा रहे काम को भी सराहना मिली है।
इसके लिए सूबे को पहली बार पोल्ट्री फार्मिंग डवलपमेंट के नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
प्रदेश के जॉइंट डायरेक्टर पोल्ट्री डॉ. एयू किदवई ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव संजय भूसूरेड्डी से प्रदेश सरकार की ओर से यह पुरस्कार प्राप्त किया।
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सपा सरकार ने प्रदेश में बड़ी तादाद में अंडे व मुर्गे के मीट के आयात को खत्म करने का लक्ष्य बनाते हुए यूपी कुक्कुट विकास नीति बनाई।
इसमें अगले पांच सालों में प्रतिदिन एक करोड़ अंडा उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया।
प्रदेश सरकार ने पोल्ट्री इकाईयां लगाने वाले उद्यमियों को न सिर्फ स्टैंप में छूट देने का काम किया बल्कि ऋण पर पड़ने वाले 12 प्रतिशत ब्याज में 10 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति करने का फैसला किया।
अर्थात उद्यमी का ऋण वास्तव में दो प्रतिशत ब्याज पर ही पड़ेगा। उद्यमियों ने इस पहल को हाथों-हाथ लिया। साल भर के भीतर सूबे में 59 इकाईयों की स्थापना को शासन स्तर से मंजूरी दी जा चुकी है।
उद्यमियों को बैंक से ऋण लेने में मुश्किल न आए इसके लिए जिलाधिकारियों को बैंकर्स के साथ मीटिंग कर मुश्किलें दूर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन 59 इकाईयों से करीब 22-23 लाख अंडों का उत्पादन शुरू हो सकेगा। इससे न सिर्फ सूबे का पैसा दूसरे राज्यों में जाने से रुकेगा बल्कि इससे यहां बड़ी तादाद में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
रेगुलर रूरल बैकयार्ड पोल्ट्री डवलपमेंट को भी सराहा
केंद्र ने भारत सरकार की रेगुलर रूरल बैकयार्ड पोल्ट्री डवलपमेंट में हाल के वर्षों में किए गए प्रयासों की भी सराहना की है।
डॉ. किदवई ने बताया कि पिछले कुछ सालों तक इस कार्यक्रम में प्रदेश का योगदान बहुत अच्छा नहीं माना जाता था।
इसके अलावा प्रदेश की बैक यार्ड पोल्ट्री योजनांतर्गत अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को मुर्गी पालन के लिए छप्पर बनाने से लेकर उनके लिए दाना व दवाईयां निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। केंद्र ने इसकी भी तारीफ की है।
मीट उत्पादन में भी आत्मनिर्भर बनने की तैयारी
प्रदेश में मुर्गे की मीट के लिए सूबे में 1082 लाख ब्रायलर के चूजे साल भर में पाले जाते हैं। इसके उलट 972 लाख चूजे दूसरे प्रदेशों से आयात करने पड़ते हैं।
शासन ने इस 972 लाख चूजे का उत्पादन शुरू करने के लिए भी कुक्कुट विकास नीति में प्रावधान किया है।
इसके लिए 972 लाख चूजे के उत्पादन के लिए शासन ने हर साल 6 लाख ब्रायलर पैरेंट पक्षियों के पालने की योजना को मंजूरी दी है। इसके लिए पांच वर्षों में 10 हजार पक्षियों की 60 इकाईयों की स्थापना की जाएगी।