लखनऊ, आगरा, बदायूं और चंदौली से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
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टीबी मरीजों के स्पुटम (बलगम) के नमूने डाक विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग की लैब तक पहुंचाने की सुविधा सोमवार से शुरू हो गई। प्रदेश के चार जिलों लखनऊ, आगरा, बदायूं और चंदौली में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है।
लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव और स्टेट टीबी ऑफिसर डॉ. संतोष गुप्ता के साथ जीपीओ लखनऊ से इसकी शुरुआत की। इस मौके पर डाक विभाग ने टीबी उन्मूलन की दिशा में एक कदम शीर्षक से एक विशेष अवरण भी जारी किया गया।
निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने इस मौके पर कहा कि भारतीय डाक विभाग और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने टीबी रोग को जड़ से खत्म करने के लिए जो पहल की है उसमें डाकिया टीबी स्पुटम के नमूनों को इकठ्ठा करके तेज परिवहन के जरिए प्रयोशाला तक पहुंचाएगा।
दूर-दराज के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से नमूनों को प्रयोगशाल तक 24 से 48 घंटे के अंदर डाकिए पहुंचाएंगे। जिससे इनकी शुद्धता बनी रहे। राजधानी लखनऊ में 53 जगहों से डाकिया नमूनों को इकठ्ठा करेंगे। पहले दिन कुल 40 नमूने इकठ्ठे करके प्रयोगशाल भेजे गए हैं।
स्टेट टीबी ऑफिसर डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि अभी राष्ट्रीय स्तर पर 100 में से 20 टीबी मरीज उत्तर प्रदेश के होते हैं। वर्ष 2021 तक लखनऊ को टीबी मुक्त बनाना है। इसमें डाक विभाग की अहम भागीदारी रहेगी।
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जाएगा। सभी भागीदारी से ही टीबी रोग को दूर किया जा सकता है। चीफ पोस्ट मास्टर आरएन यादव बताया कि विशेष आवरण की कीमत 15 रुपये रखी गई है।
जिसे अन्य फिलेटलिक ब्यूरो में भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बीपी सिंह, प्रवर डाक अधीक्षक शशि कुमार उत्तम, सहायक निदेशक ओम प्रकाश चौहान भी मौजूद थे।
ऐसे कार्य करेगा नेटवर्क
प्रदेश में लगभग 4.22 लाख टीबी (क्षय) रोगी हैं। इनमें बीमारी और दवा की प्रतिरोधक क्षमता की जांच के लिए स्पुटम (बलगम) का सैंपल जिला अस्पतालों में बने सीबीनैट सेंटर भेजा जाता है। इन सैंपल को समय से पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती होता है।
अब चार जिलों में सैंपल को डेजिग्नेटेड माइक्रोस्कोपिक सेंटर (डीएमसी) से लेकर जिला अस्पताल में बने सीबीनैट (कार्ट्रिज बेस्ड न्यूक्लिक एसिड टेस्ट) सेंटर तक डाकिया पहुंचाएंगे।
स्टेट टीबी ऑफिसर डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर स्थित माइक्रोस्कोपिक सेंटर पर लिए गए मरीज के स्पुटम के दो सैंपल को ट्रिपल लेयर पैकिंग करके डाकिया को सौंपा जाएगा। सीबीनैट सेंटर से मेडिकल कॉलेज में खुली कल्चर डीएसटी लैब (सीडीएसटी) लैब तक स्पुटम सैंपल पहुंचाने केलिए भी डाक विभाग की मदद ली जाएगी।