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पोस्टल बैलेट निभाएगा हार-जीत में अहम भूमिका

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पोस्टल बैलट से होने वाली वोटिंग से परिणामों में आएगा अंतर। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
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अतुल भारद्वाज
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राजधानी की नौ विधानसभा सीटों में पोस्टल बैलेट इस बार हार-जीत में अहम भूमिका निभाएगा। क्योंकि पोस्टल बैलेट से मतदान का दायरा बढ़ाया गया है।
80 पार वाले बुजुर्ग, दिव्यांग मतदाता जहां इस श्रेणी में लाए गए हैं। साथ ही आवश्यक सेवा में शामिल 11 विभाग के कर्मचारी भी इसमें शामिल किए गए हैं।
ऐसे में पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा पाने वालों का आंकड़ा एक लाख से अधिक हो गया है, जबकि 2017 में यह आंकड़ा 21 हजार था। इसमें से 5015 वोट डाले भी गए थे।
पोस्टल बैलेट के लिए प्रभारी व एलडीए के सचिव पवन गंगवार ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने इस सुविधा का दायरा बढ़ा दिया है। ऐसे में पोस्टल बैलेट से मतदान भी अधिक होगा।
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अभी तक दिव्यांग, 80 साल से अधिक बुजुर्ग का डाटा तैयार हो गया है। इनसे 12डी फार्म भरवाया गया है। उनको अब पोस्टल बैलेट दिया जाएगा जोकि खास लिफाफे में रखकर भेजना होगा।
वहीं, अर्धसैनिक बल, सेना के जवानों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से इस सुविधा की सूचना दी गई है। 11 विभागों के कर्मचारियों को फार्म-12 के जरिये इस सुविधा की मांग करने के लिए कहा गया है।
निर्वाचन आयोग ही पोस्टल बैलेट के डाक से भेजने का खर्च उठाएगा। मतदाता को इसके लिए कोई डाक टिकट लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
इन 11 विभागों को आवश्यक सेवा में किया शामिल
सूचना एवं जनसंपर्क, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डाक सेवा, ट्रैफिक, रेलवे, बिजली, नागरिक उड्डयन, मेट्रो रेल, दूरदर्शन, ऑलइंडिया रेडियो, बीएसएनएल। इन सभी विभाग के कर्मचारियों को नोडल अधिकारी के माध्यम से सुविधा की मांग करनी है।
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पोस्टल बैलेट के लिए मतदाता
दिव्यांग व 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग - 75 हजार
मतदान कार्य में लगे कर्मचारी - 16 हजार
आवश्यक सेवाओं वाले 11 विभाग के कर्मचारी - पांच हजार अनुमानित
सेना व अर्धसैनिक बल के जवान व अधिकारी - 4200
530 वोट से जीते थे अंबरीश पुष्कर
पोस्टल बैलेट के महत्व को 2017 विधानसभा में मोहनलालगंज सीट पर हुई हारजीत से समझा जा सकता है। यहां 530 वोट से केवल सपा के प्रत्याशी अंबरीश पुष्कर जीते थे। यहां पोस्टल बैलेट से 235 वोट पड़े। इसमें से 120 अंबरीश पुष्कर को अकेले मिले। वहीं लखनऊ पूर्व सीट पर पोस्टल बैलेट से 1356 वोट पड़े थे। 2017 में बुजुर्ग, दिव्यांग, 11 विभागों के आवश्यक सेवा के कर्मचारी को यह सुविधा नहीं मिलती थी।
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