लखनऊ। पोस्ट कोविड निमोनिया से परेशान मरीज को बाइक पर लेकर पिता अस्पतालों के चक्कर काटता रहा, लेकिन बिना कोरोना रिपोर्ट कहीं भर्ती नहीं मिली। थककर वह बेटे को कोविड जांच के लिए इंदिरा नगर स्थित सीएचसी लेकर पहुंचा, लेकिन गेट पर ही वह गश खाकर गिर पड़ा और कुछ देर बाद जान चली गई। मौत के बाद एक घंटे तक एंबुलेंस न मिलने के कारण उसका शव यहां पड़ा रहा। बाद में निजी एंबुलेंस से शव घर ले जाया गया।
गोसाईंगंज खुर्दही बाजार सुल्तानपुर रोड निवासी बाराती लाल का बेटा श्रवण (29) कोरोना को मात दे चुका था। लेकिन इधर एक सप्ताह से उसे बुखार व छाती में जकड़न थी। रविवार को हालत ज्यादा खराब होने पर पिता बेटे को बाइक पर बिठाकर अस्पताल के लिए निकल पड़े। पिता का कहना है कि वह बेटे को भर्ती कराने के लिए कई निजी नॉन कोविड अस्पताल ले गए, लेकिन बिना कोविड रिपोर्ट भर्ती नहीं किया। कई निजी अस्पतालों ने ऑक्सीजन की कमी बताकर उन्हें लौटा दिया। इसके बाद जांच के लिए इंदिरानगर सीएचसी पहुंचे। बेटे को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसी बीच वह गश खाकर गिर गया। यह देख स्वास्थ्यकर्मियों ने पहले उसकी एंटीजन जांच की। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे अंदर इलाज के लिए ले जा रहे थे, लेकिन तभी उसकी सांसें थम गईं। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज पोस्ट कोविड निमोनिया से ग्रस्त था। उसकी एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई थी। निमोनिया का संक्रमण अधिक होने से सांस लेने में दिक्कत की वजह से उसकी जान गई है।