फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोहिया संस्थान का मामला : जीवित मरीज को मृत बताकर डिस्चार्ज करने का आरोप

Mon, 03 May 2021 02:00 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

लोहिया संस्थान में रविवार को जीवित महिला मरीज को डिस्चार्ज किए जाने का मामला प्रकाश में आया। मरीज के घर वालों का आरोप है कि जब वह शव लेने पहुंचे तो महिला की सांसें चल रही थीं।
विज्ञापन
आरएमएल अस्पताल - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोहिया संस्थान में रविवार को जीवित महिला मरीज को डिस्चार्ज किए जाने का मामला प्रकाश में आया। मरीज के घर वालों का आरोप है कि जब वह शव लेने पहुंचे तो महिला की सांसें चल रही थीं। पड़ोस में जांच करने पर पता चला कि महिला जीवित है। इसके बाद उसे आनन-फानन दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, लोहिया संस्थान प्रशासन ने इस घटना को फर्जी बताया है। 

विज्ञापन


इंदिरानगर निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उसकी मां सुखरानी गौतम ( 54) को सांस लेने में दिक्कत होने पर तीन दिन पहले लोहिया संस्थान लाए। यहां इमरजेंसी में उनका इलाज चल रहा था। रविवार को उन्हें वार्ड आवंटित कर दिया गया, लेकिन शाम पांच बजे बताया गया कि मरीज की मौत हो गई है। इसके बाद शव लेने पहुंचे तो देखा कि उनकी सांसें चल रही थीं। कंपाउंडर को बुलाकर जांच कराई तो उसने भी महिला के जीवित होने की बात कही। इसके बाद मरीज को डालीगंज अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया।

आरोप निराधार, फर्जी लग रहा मामला
इस बारे में लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश का कहना है कि आरोप पूरी तरह से निराधार है। प्रथम दृष्टया मामला फर्जी लग रहा है। संस्थान में डिस्चार्ज स्लिप पर कभी भी डेथ सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता। अगर महिला की मौत हुई थी तो उसे डेथ सर्टिफिकेट भी दिया जाना चाहिए था। अगर इस संबंध में शिकायत आती है तो पड़ताल की जाएगी कि महिला को क्यों डिस्चार्ज किया गया। 
विज्ञापन




सवाल, मौत नहीं हुई तो क्यों किया डिस्चार्ज 
लोहिया संस्थान प्रशासन पूरे मामले को फर्जी बता रहा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब मरीज की मौत नहीं हुई थी तो उसे डिस्चार्ज क्यों किया गया, जबकि गंभीर हालत के चलते उसे सुबह ही वार्ड में भर्ती किया गया था। 

निजी अस्पताल में देर रात मौत
महिला को देर रात निजी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। महिला के बेटे सुनील कुमार ने बताया कि निजी अस्पताल में वे करीब 10 बजे पहुंचे। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनकी पड़ताल की। इसके बाद करीब सवा दस बजे उनको मृत घोषित कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें