लखनऊ। इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर बलरामपुर के तुलसीपुर निवासी सैय्यद सलामत हुसैन ने मध्य प्रदेश की युवती को जाल में फंसाया। उसने खुद को सीआरपीएफ कमांडेंट बताया। वह युवती का धर्मांतरण कराने के लिए ट्रेन से लखनऊ आ रहा था। इसी दौरान युवती से छेड़छाड़ की शिकायत की जांच में उसका भंडाफोड़ हो गया। जीआरपी ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसका छांगुर गिरोह से कनेक्शन खंगाला जा रहा है।
जीआरपी के इंस्पेक्टर ने बताया कि मंगलवार को रेलवे के कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि जबलपुर से लखनऊ आ रही चित्रकूट एक्सप्रेस में युवती से छेड़छाड़ की गई है। उसने शिकायत में बताया कि बोगी एम-1 में वह परिचित के साथ सफर कर रही थी। इसी दौरान कोच अटेंडेंट ने छेड़छाड़ की। जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने मौके पर छानबीन शुरू की। 19 वर्षीय युवती ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले की रहने वाली है। वह सैयद सलामत हुसैन के साथ सफर कर रही थी। युवती को लखनऊ जाना था।
बांदा के अतर्रा स्टेशन के पास कोच अटेंडेंट रायबरेली के पवन गुप्ता ने युवती से अभद्रता की। विरोध पर वह भाग निकला। सलामत से पूछताछ में संदेह होने पर जीआरपी ने युवती से अकेले में पूछताछ की। इस पर उसने बताया कि सलामत सीआरपीएफ कमांडेंट हैं और इंस्टाग्राम से उसकी दोस्ती हुई थी।
कड़ाई से पूछताछ में टूट गया आरोपी
शक होने पर पुलिस ने सलामत से कड़ाई से पूछताछ की। इस पर वह टूट गया और स्वीकारा कि सीआरपीएफ कमांडेंट नहीं है। वह युवती से रकम वसूलकर उसका धर्मांतरण कराना चाहता था। उसकी युवती पर गंदी नजर थी। वह युवती को लखनऊ ला रहा था, जहां से बलरामपुर ले जाने वाला था। जीआरपी ने आरोपी की करतूत के बारे में युवती को बताया तो वह हैरान रह गई। उसकी तहरीर पर जीआरपी चारबाग में आरोपी सलामत के खिलाफ अपहरण सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई। मामला बांदा से जुड़ा है, जिस कारण शून्य एफआईआर को जीआरपी बांदा स्थानांतरित कर दिया गया है।
पीलीभीत की युवती के धर्मांतरण की भी की थी कोशिश
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि दो वर्ष पहले पीलीभीत में उसने एक युवती को जाल में फंसाया था। वह उसका भी धर्मांतरण कराने वाला था। इसी दौरान उसका राज खुल गया। युवती ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर कराई थी। पीलीभीत पुलिस ने सलामत को गिरफ्तार किया था। इसके बाद आरोपी जमानत पर छूटा था। जेल में बंद केजीएमयू के रेजीडेंट डॉ. रमीज से भी उसके तार खंगाले जा रहे हैं।