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ये हैं पूनम, उत्तर रेलवे लखनऊ की पहली महिला ड्राइवर

Sun, 08 Jun 2014 11:06 AM IST
निशांत यादव/अमर उजाला, लखनऊ
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शहर की बेटी पूनम तिवारी ने शनिवार को झांसी पैसेंजर ट्रेन चलाकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
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पूनम उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की पहली महिला ड्राइवर बन गईं। उन्होंने शनिवार शाम लखनऊ-झांसी पैसेंजर ट्रेन चलाकर अपने कॅरिअर की विधिवत शुरुआत की।

लखनऊ के सूर्य नगर की पूनम तिवारी ने इलेक्ट्रानिक में डिप्लोमा किया है। रेलवे भर्ती बोर्ड इलाहाबाद की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर उनका चयन सहायक लोको पायलट के पद के लिए हुआ।

महिलाएं नहीं चला सकतीं ट्रेन, तोड़ा ये मिथक

पूनम का चयन दिसंबर 2013 में किया गया था। ट्रेनिंग के दौरान दो बार मालगाड़ियों का सफल संचालन करने पर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने उनको पैसेंजर ट्रेनों के लिए चयनित किया है।

झांसी पैसेंजर ट्रेन चलाने से पहले पूनम ने एक कुशल सहायक लोको पायलट की तरह इंजन के सभी उपकरणों की स्थिति की जांच की।

इसके बाद सिग्नल मिलने पर उसने ट्रेन के गार्ड से हरी झंडी का मिलान करने के बाद ट्रेन चलायी। पूनम ने बताया कि वह इस मिथ्या को तोड़ना चाहती थी कि ट्रेन चलाना महिलाओं के लिए नामुमकिन है।

'यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाना ही है मंजिल'

पूनम ने बताया कि सुरक्षा मानकों का पालन और यात्रियों को सुरक्षा के साथ समय पर उनकी मंजिल तक पहुंचाना ड्राइवर की तरह मेरी प्राथमिकता है।

रेलवे ने फिलहाल उन्हें लखनऊ से कानपुर रेलखंड तक ट्रेनों में तैनात किया जाएगा। उत्तर रेलवे लखनऊ के वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता पावर संदीप मुखर्जी और सहायक मंडल यांत्रिक अभियंता राजीव गुप्ता के साथ वरिष्ठ स्टेशन प्रबंधक एके दोहरे भी मौजूद थे।

इससे पहले समता कुमारी दो साल पहले पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की पहली महिला सहायक लोको पायलट बनी थीं। पूनम के पिता राज्य सरकार की कैंटीन में कार्यरत हैं।
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सात और महिला ट्रेन ड्राइवर संभालेंगी कमान

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की ट्रेनों की कमान जल्द ही सात और महिला ड्राइवरों के हाथ होगी।

इन दिनों प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं सात महिला ट्रेन ड्राइवर रेलवे को जल्द ही मिलेंगी।

इन महिला ड्राइवरों की तैनाती पहले पैसेंजर फिर मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में की जाएगी। महिला ड्राइवरों के लिए रेलवे अलग रेस्ट रूम बनाएगा।
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