इस बार पॉलीटेक्निक संस्थानों को काउंसलिंग से पहले ही सीटें खाली रहने का डर सताने लग गया है। दाखिले के लिए आवेदन तो निर्धारित सीटों से करीब सवा लाख ज्यादा आए, लेकिन कोरोना की वजह से प्रवेश परीक्षा में सीटें के मुकाबले भी छात्र शामिल नहीं हुए।
ऐसे में पॉलीटेक्निक संस्थानों को अपनी साख बचाने के लिए अब डायरेक्ट एडमिशन का ही सहारा नजर आ रहा है। कॉउंसलिंग 30 सितंबर से शुरू होगी। इस बार फार्मेसी पाठ्यक्रमों में भी सीटों के मुकाबले प्रवेश परीक्षा छात्र संख्या काफी कम रही। पॉलीटेक्निक के 50 से ज्यादा पाठ्यक्रमों को चार विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है।
इस बार ऑफलाइन के साथ पहली बार ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा भी आयोजित की गई। दोनों मोड में सुबह और शाम की पाली में अलग-अलग श्रेणी के पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। ग्रुप बी, सी, डी, ई, एफ, जी, एच, और आई के पाठ्यक्रमों में 16,140 सीटें हैं।
इसके लिए 22,597 छात्रों ने आवेदन किया था, लेकिन परीक्षा देने महज 9,234 छात्र ही पहुंचे। वहीं, ग्रुप के-1 से के-8 तक के पाठ्यक्रमों में 11,807 सीटें हैं। इसके लिए 23,846 छात्रों ने आवेदन किया था। परीक्षा देने 11,383 छात्र ही पहुंचे। इन दोनों श्रेणियों में निर्धारित सीटों के सापेक्ष पर्याप्त छात्र प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित ही नहीं हुए।