अगर आप को लगता है कि आप वीआईपी इलाके में रह रहे हैं तो आपके घर सप्लाई में आने वाला पानी साफ ही होगा, लेकिन ऐसा है नहीं। स्वास्थ्य विभाग की हालिया रिपोर्ट देखकर आप चौंक सकते हैं।
विभाग की ओर से की गई पानी की सैंपलिंग में हजरतगंज, इंदिरानगर व अलीगंज जैसे वीआईपी इलाकों में पानी के ज्यादातर नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। वहीं खदरा और चौक समेत पुराने लखनऊ के इलाकों का पानी सैंपलिंग में पास पाया गया।
जांच में हजरतगंज, इंदिरानगर व आसपास से लिया गया पानी का सैंपल जांच में फेल पाया गया। 27 मई को सेक्टर-21 और 31 मई की जांच में इंदिरानगर स्थित लक्ष्मणपुरी व नारायण नगर का नमूना भी फेल निकला।
3 जून की जांच में इंदिरानगर के सेक्टर-10 से लिया गया सैंपल भी फेल हो गया। वहीं 5 जून को लिए गए 14 सैंपल में मीराबाई मार्ग हजरतगंज, डालीबाग के निकट सर्विस स्टेशन में पानी के नमूने फेल हो गए थे।
इसके अलावा जवाहर भवन, पेपर मिल निशातगंज, अलीगंज एलएन पैंगले व अलीगंज स्टेट बैंक कॉलोनी, जियामऊ, रहमान खंड लाटूश रोड व मुस्लिम मुसाफिरखाना चारबाग, छोटू पूड़ी भंडार हुसैनगंज व राजेंद्रनगर मिनी ट्यूबवेल का पानी जांच में फेल पाया गया।
यहां दिए नंबर पर करें शिकायत
डेमो पिक
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 29 मई को खदरा के तीन जगहों पानी की टंकी, रामलीला मैदान व फतेहगंज मंदिर के पास से लिया गया पानी जांच में पूरी तरह सुरक्षित पाया गया।
इसी तरह चौक स्टेडियम के पास से लिए गए सैंपल में भी पानी सही पाया गया। वहीं 27 मई को अमीनाबाद व 30 मई को कैसरबाग से लिए गए नमूने में भी पानी ठीक पाया गया। इसके अलावा दो जून को लिए गए 11 सैंपल में से विनम्रखंड, विनीत खंड, विपुल खंड समेत गोमतीनगर के सभी सैंपल पास हो गए थे।
लीकेज हो सकती है गंदे पानी की वजह
सभी इलाकों में एक ही पाइपलाइन या ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति होती है। ऐसे में गुणवत्ता का अंतर तो इलाके के आधार पर संभव नहीं है।
हां, कुछ इलाकों में लीकेज की वजह से जल आपूर्ति की गुणवत्ता खराब हो सकती है। अगर ऐसा है तो लोग 7525002626 कंट्रोल रूम पर शिकायत करें। 24 घंटे में आपूर्ति को ठीक किया जाएगा।
- एसके वर्मा, जीएम, जलकल