17 नगर निगमों में से अलीगढ़, गाजियाबाद, फिरोजाबाद, मथुरा, मेरठ, शाहजहांपुर, सहारनपुर में मुस्लिम प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे। इस चुनाव में मुस्लिम वोटरों ने स्पष्ट कर दिखाया कि वे सिर्फ सपा और बसपा के ही साथ नहीं हैं। अन्य विकल्पों को भी देख रहे हैं। मेरठ में एआईएमआईएम के उम्मीदवार अनस को 1,15,964 वोट मिले और वह सपा की उम्मीदवार सीमा प्रधान और बसपा के हशमत मलिक दोनों से आगे रहे। इस निकाय चुनाव में सभी की निगाह मुस्लिमों पर थीं।
बसपा ने 17 में से 11 महापौर प्रत्याशी मुस्लिम बनाए थे। सपा ने 4 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया। हैरत की बात यह रही कि भाजपा ने भी इस बार कई मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। भले ही महापौर पद पर भाजपा ने मुस्लिम दांव न खेला हो पर अन्य पदों पर 395 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे। इनमें भाजपा के पांच से ज्यादा नगर पंचायत अध्यक्ष पद जीत गए। उसके पार्षद और नगर पालिका सदस्य, पंचायत सदस्य भी जीते।
एआईएमआईएम के भी खूब प्रत्याशी जीते
एआईएमआईएम ने 19 से ज्यादा पार्षद पदों पर जीत हासिल की। इसी तरह से तीन नगर पालिका अध्यक्ष, 33 नगर पालिका सदस्य, 2 नगर पंचायत अध्यक्ष और 22 नगर पंचायत सदस्य पद पर चुनाव जीता। वर्ष 2017 में एआईएमआईएम ने पार्षद के 12 पद जीते थे। नगर पालिका सदस्यों की संख्या सात थी। नगर पंचायत अध्यक्ष मात्र एक था तो नगर पंचायत सदस्य 6 ही थे।