मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : PTI
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजनीति में धर्म का मिलन गलत नहीं है। ये हमारी गलती है कि हम धर्म को कुछ स्थानों के लिए सीमित कर देते हैं और राजनीति को कुछ लोगों के लिए छोड़ देते हैं। इससे समस्याएं उत्पन्न होती हैं। राजनीति का उद्देश्य स्वार्थों की पूर्ति करना नहीं है बल्कि समाज की भलाई करना है। इसी तरह धर्म का उद्देश्य भी परमार्थ होता है। जब धर्म का प्रयोग स्वार्थ की पूर्ति के लिए होता है तो मुश्किल आती है लेकिन परमार्थ का उद्देश्य होने पर धर्म प्रगति के मार्ग खोलता है।
टिकट बांटना संसदीय बोर्ड का काम
पार्टी में टिकट वितरण में सीएम की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि टिकट वितरण का काम संसदीय बोर्ड करता है। संसदीय बोर्ड में सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उम्मीदवारों के नाम पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा होती है। आपस में गहन विचार-विमर्श के बाद ही प्रत्याशी के नाम तय होते हैं इसमें किसी के चलने या न चलने की बात ही नहीं है। संसदीय बोर्ड के सदस्य सभी नामों के बारे गहनता से छीनबीन के बाद ही सूची फाइनल करते हैं।