सत्ता पक्ष के एक विधायक गाहे-बगाहे अपनी ही सरकार की किरकिरी कराते रहते हैं। मामला उच्च सदन का है।
पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले एक सदस्य ऐसे हैं जो कभी भी कुछ भी कर सकते हैं। सदन की कार्यवाही में विपक्षी सदस्य सरकार को जिला योजना समिति और लोहिया ग्राम को लेकर कठघरे में खड़ा कर रहे थे।
विपक्षी सदस्यों ने पूरी तरह से घेराबंदी कर ली थी। इसी बीच सत्तापक्ष के यह सदस्य भी खड़े हो गए। कहा कि सदस्यों की सुनवाई नहीं होती है। लोहिया ग्राम पर उनकी सुनी नहीं जाती है।
जिला योजना समिति में भी उनकी नहीं चलती है। यह कैसी व्यवस्था है कि सदस्यों की ही नहीं सुनी जाती। फिर क्या था। विपक्षियों को मौका मिल गया।
उन्होंने कहा कि जब सत्ता पक्ष के सदस्य ही इसे स्वीकार करते हैं तो विपक्ष की बात कैसे गलत हो सकती है।