रायबरेली। न्याय की गुहार लगाने के दौरान युवती के साथ बुधवार को जिस तरह एसपी कार्यालय के बाहर पुलिस ने वर्दी की हनक दिखाकर नियमों की धज्जियां उड़ाईं, उससे सियासी पारा गर्म हो गया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मामले में एक्स पर पोस्ट कर प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया। वहीं, कांग्रेस हाईकमान तक भी बात पहुंच गई है।
प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी प्रदेश सरकार के साथ रायबरेली पुलिस पर निशाना साधा है। खास बात यह भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी मामले में पुलिस की ज्यादती पर एतराज जताया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए फरियादियों को जेल, सरकार फेल लिखकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।
दो शब्दों में उन्होंने लिखा कि नहीं चाहिए भाजपा। वहीं, राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का कहना है कि युवती के साथ जिस तरह पुलिस ने बर्बरता दिखाई, उससे साफ है कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था के मामले में असफल है।
उन्होंने कहा कि सरकार का पुलिस पर कोई नियंत्रण नहीं है। शोषितों के साथ पुलिस मारपीट कर रही है। रचना मौर्य को तत्काल रिहा किया जाए। जिन पुलिसकर्मियों ने यह कारनामा किया, उनके खिलाफ आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उच्चस्तरीय कार्रवाई होनी चाहिए। बताया कि वह अपने स्तर से मामले को देख रहे हैं। जल्द ही रायबरेली आएंगे।
कांग्रेस के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने घटना को अमानवीय बताया। कहा कि कांग्रेस हमेशा से संविधान की रक्षा की बात कर रही है। जिस तरह से युवती के साथ पुलिस ने व्यवहार किया, वह खुद बता रहा है कि संविधान रक्षा की बात बेमानी नहीं है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस हाईकमान को इस मामले से अवगत कराया गया है।
सपा जिलाध्यक्ष ई. वीरेंद्र सिंह ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कहा कि भाजपा महिलाओं के हितों की रक्षा का ढोंग कर रही है। रायबरेली में युवती को पुलिस ने सरेआम बेज्जत किया है। कहा कि यदि युवती के साथ ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से होगी शिकायत
भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धीलाल पासी ने घटना पर रोष व्यक्त किया। कहा कि पुलिस को इस तरह नहीं कराना चाहिए। यह महिला के साथ अपराध सरीखा है। पुलिस निरंकुश हो गई है। सरकार को बदनाम करने के लिए पुलिस के भीतर साजिश हो रही है। इस मामले से वह मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। कार्रवाई के लिए प्रदेश अध्यक्ष को रिपोर्ट देंगे।