‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ के नाम पर देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल पर दावेदारी की सियासत पिछले दिनों चर्चा में रही।
अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महापुरुषों के नाम पर सियासत कर रही पार्टियों पर निशाना साधा।
मंगलवार को लखनऊ यूनिवर्सिटी में वे प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 129वीं जयंती कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे।
मालवीय सभागार में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनैतिक पार्टियां महापुरुषों को घेरने का काम कर रही हैं। हर महापुरुष किसी न किसी पार्टी का हो गया है।
लेकिन इनको हर जाति और धर्म के लोग मानते रहे हैं। आने वाली पीढ़ी को भी इनसे काफी कुछ सीखने को मिलेगा। यह पीढ़ी इस सियासत को समझ रही है।
जयंती के अवसर पर छुट्टी की मांग पर उन्होंने कहा कि पहले ही यूपी में छुट्टियों की संख्या बहुत है। डॉ. प्रसाद का प्रभाव केवल बिहार तक सीमित नहीं था। वह पूरे देश में लोकप्रिय थे।
संविधान निर्माता का दर्जा मांगने पर विवाद
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एलयू के कर्मचारी बलदेव सिंह गुप्ता ने हंगामा कर दिया। उनकी मांग थी कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान निर्माता का दर्जा मिले।
जब मुख्यमंत्री बोलने को खड़े हुए तो एलयू कर्मचारी ने तेज आवाज में अपनी मांग रखना शुरू कर दिया।
बाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि क्यों आप झगड़ा करना चाहते हैं? पिछली सरकार में यह मांग रखते। मुझे पूरा भरोसा है कि आप इस तरह बोल ही नहीं पाते।