दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी का कांग्रेस समर्थन करने पर न सिर्फ उलेमाओं में रोष है बल्कि उनका यह रवैया राजनीतिक पार्टियों को भी नागवांर गुजरी है।
भाजपा, बसपा और यहां तक कि सपा का भी कहना है कि किसी उलमा या इमाम को वोट देने की अपील करना शोभा नहीं देता है।
वोट के ठेकेदारों को मुसलमान बखूबी समझ चुका है। ऐसी अपीलों से रत्ती भर भी असर नहीं होने वाला।
बुखारी हमेशा अपना हित साधते है: शिवपाल
जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी की कांग्रेस को समर्थन देने की अपील पर सपा और बसपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
सपा प्रवक्ता व सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने कहा, मौलाना बुखारी राजनीति में हमेशा अपना हित साधते हैं लेकिन मुसलमान उनको समझते हैं, इसलिए उनकी अपील पर गौर ही नहीं करेंगे।
वहीं कैबिनेट मंत्री आजम खां का कहना है कि मौलाना बुखारी को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिसका सीधा फायदा फासिस्ट ताकतों को मिले। उन्होंने मौलाना बुखारी को अपने बयान पर फिर से गौर करने की सलाह दी।
कांग्रेस की नहीं, हमारे लिए वोट मांगें बुखारी: बसपा
उधर, बसपा ने कहा कि समय की मांग को समझते हुए मौलाना बुखारी व अन्य लोगों को लोकसभा चुनाव में बसपा का समर्थन करना चाहिए क्योंकि भाजपा की पराजय केवल वही सुनिश्चित करा सकती है।
पार्टी ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि मुस्लिम समाज के जानमाल व मजहब की रक्षा को लेकरकांग्रेस व सपा सरकार का रिकॉर्ड अब तक बेहद खराब रहा है। इसके उलट बसपा की सरकार में यूपी पूरी तरह से दंगामुक्त प्रदेश रहा।
गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में अहमद बुखारी ने सपा का समर्थन किया था। परंतु सरकार बनने के बाद कई मामलों को लेकर उनके और सपा नेतृत्व के बीच दरार पैदा हो गई।
वरिष्ठ सपा नेता आजम खां और उनके बीच कई बार तल्ख बयानबाजी भी हुई। बुखारी के दामाद मौजूदा समय में भी सपा के विधान परिषद सदस्य हैं।
इमामत छोड़ सिर्फ सियासत करें बुखारी:भाजपा
भाजपा के प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने कहा है कि जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी को अब इमामत छोड़ पूरे समय सियासत करनी चाहिए।
लंबे समय से उनकी दिलचस्पी धर्म से ज्यादा राजनीति में दिख रही है। वह हर चुनाव में कभी इस पार्टी को तो कभी उस पार्टी को वोट दिलाने का ठेका लेते हैं।
इस बार उन्होंने कांग्रेस को मुसलमानों का वोट दिलाने का ठेका लिया है।
वह देश के मुसलमानों को शायद अपना गुलाम समझते हैं जो जहां चाहेंगे वोट दिला देंगे। मुसलमान इनके बहकावे में आने वाला नहीं है।
कुछ और आए सपा के कुनबे में
एक और बुखारी के बयान से सियासी गर्मी बढ़ी हुई थी, दूसरी ओर सपा के कुनबे में दूसरी पार्टियों के नेताओं का आना जारी था।
पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को भी भाजपा, पीस पार्टी और बसपा के लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने इन सबको सपा की सदस्यता दिलाई।
सपा में शामिल होने वालों में राजकुमारी कुशवाहा, राजकुमारी सिंह और उनके बेटे अनुज भदौरिया, सुल्तान सिंह कुशवाहा, इंद्रा कुशवाहा, सुरेंद्र कनौजिया शामिल हैं।