सगाई तो हुई अमित शाह के पुत्र की गुजरात में, पर उसकी दीवानगी यूपी भाजपा में भी दिखाई दे रही है।
चर्चा न तो सरकार पर और न यूपी के हालात पर बल्कि सिर्फ शाह के सुपुत्र की सगाई पर हो रही है।
कुछ लोग शाह का कार्ड दिखाते घूम रहे हैं तो कुछ यह कहते कि उन्हें कार्ड तो नहीं लेकिन शाह ने खुद फोन करके आने का आग्रह किया। वैसे यह पहली बार नहीं हो रहा है।
कुछ समय पहले भाजपा के एक बड़े नेता के यहां वैवाहिक समारोह को लेकर भी यही हुआ था।
यह बात दीगर है कि बाद में पोल खुली कि तमाम लोग बाजार में अपना भाव बनाए रखने के लिए तीन दिन के लिए अपनी रिश्तेदारी में निकल गए थे।