पिछले दिनों देश की सबसे बड़ी पंचायत के लिए चुनाव हुए। कई विधायक सांसद बन गए। उनकी सीटें खाली हो गईं। अब यहां हर नेता अपनी-अपनी पार्टी में टिकट की आस लगाए बैठा है।
राजधानी में भी एक सीट खाली हुई है। यहां पर दिग्गज लग गए हैं। राष्ट्रीय पार्टी में भी एक नेताजी प्रदेश की पंचायत में जाने के लिए बेताब हैं। वे पार्टी से टिकट भी मांग रहे हैं। पार्टी के कई बड़े नेता उनके साथ खड़े हैं।
इससे उनका मनोबल और बढ़ा हुआ है। इस कारण उन्होंने पार्टी कार्यालय से लेकर जगह-जगह अपने बड़े-बड़े होर्डिंग लगा दिए हैं। इन होर्डिंगों में वे अपने आपको इस तरह से पेश कर रहे हैं जैसे पार्टी ने उन्हें टिकट दे दिया हो।
टिकट की लाइन में खड़े बेचारे दूसरे नेताजी इससे खासे परेशान हैं। उन्होंने तो हाईकमान तक से शिकायत करने की ठान ली है।
इस पर एक दूसरे नेताजी बोले... दरअसल, इस पार्टी की फितरत ही ऐसी है इसमें सभी एक-दूसरे की टांग खिंचाई में लगे रहते हैं।