नमो की सफलता को देखते हुए अब बाजार भी उनके नाम को भुनाने में लग गया है।
बड़ी बात नहीं कुछ दिन बाद राजधानी में ठेलों और खोमचों में दशहरी आम सजाए बैठे दुकानदार ‘नमो दशहरी’ की आवाज लगाते हुए दिखें। इसकी वजह भी है।
दरअसल दशहरी की अलग-अलग नस्ल का ईजाद करने वाले अपने मलिहाबाद के बुजुर्ग ने इस बार नई नस्ल का नाम ‘नमो’ रखा है।
सोनिया, ऐश्वर्या, अनारकली, तेंदुलकर जैसे ब्रांडों के साथ-साथ उन्होंने निर्भया नाम से भी आम की एक नस्ल का ईजाद किया।
पद्मश्री से सम्मानित इन बुजुर्गवार द्वारा बाजार में उतारे गए आम खासे लोकप्रिय भी रहे हैं।