लखनऊ में भूख प्यास से परेशान लोगों की मदद के लिए पुलिस ने अस्थाई घर बनाए है। हर थाना क्षेत्र में अस्थाई रसोईघरों में पूरा दिन भोजन तैयार हो रहा है।
ज्यादातर थानों में पूड़ी-सब्जी बनवाई जा रही है, तो कई जगह तहरी-खिचड़ी पक रही है। हुसैनगंज अंजनी कुमार पांडे ने बताया कि चारबाग इलाके में सबसे ज्यादा भीड़ है।
यहां रेलवे स्टेशन को मजदूरों और गरीबों ने अपना ठिकाना बना रखा है। बाहर से आने वाले लोग भी सवारी के इंतजार में चारबाग के आसपास ही भटकते या आराम करते हैं।
चारबाग पुलिस चौकी के पीछे काफी खाली जगह पड़ी है जहां अस्थाई रसोईघर बनाया गया है। रसोईघर में राशन का इंतजाम और खाना पकाने का काम पुलिसकर्मी कर रहे हैं। इंस्पेक्टर समेत पूरा स्टाफ दोनों वक्त यही का पका खाना खा रहे हैं।
गोमती नगर में भी अस्थायी रसोईघर
गोमतीनगर इंस्पेक्टर धीरज कुमार ने बताया कि लोगों के लिए लंच पैकेट का इंतजाम करना महंगा पड़ रहा था इसलिए इलाके में ही एक होटल पर अस्थायी रसोईघर शुरू कराया गया है।
पुलिस अपने खुद के और जनता के सहयोग से राशन का इंतजाम कर खाना तैयार कर रही है। यहां खाना बनवा कर गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर बांटा जा रहा है।
आलमबाग-पारा पुलिस होटल में खाना बनवा कर बांट रही
आलमबाग इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि थाने के पास एक ही होटल में खाना बनवा रहे हैं तो सरोजनी नगर में इंस्पेक्टर आनंद शाही ने एयरपोर्ट के सामने स्थित एक होटल में खाना बनवाने का इंतजाम कराया है।
रोज 200 लोग के लिए खाना बनता है। पारा इंस्पेक्टर त्रिलोकी सिंह ने बताया कि वह भी एक होटल में ही खाना बनवा रहे हैं।
परिचितों की भी ले रहे मदद
अलीगंज इंस्पेक्टर फरीद अहमद ने बताया कि अपने परिचितों के घर से ही खाना बनवा कर बंटवा रहे हैं। विभूति खंड में इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ला, चिनहट इंस्पेक्टर त्रिपाठी, हसनगंज में अमर नाथ वर्मा, मड़ियांव में विपिन कुमार सिंह समेत अन्य थाना प्रभारी ने भी अपने इलाके में ही होटल गेस्ट हाउस में अस्थाई रसोई घर बनाया है।