हापुड़ में पिछले दिनों मॉब लिंचिंग के मामले में न्यायालय की सख्ती और आरोपियों के कुबूलनामे ने उप्र पुलिस को बैकफुट पर ला दिया है।
टीवी चैनल व एक पोर्टल के स्टिंग ऑपरेशन में इस घटना के आरोपियों के कुबूलनामे के बाद अब पुलिस न सिर्फ आरोपी की जमानत खारिज कराने के लिए कोर्ट जाने की बात कह रही है बल्कि पूर्व में दर्ज मुकदमे में धाराएं बढ़ाने के आदेश भी दिए गए हैं।
एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने कहा है कि इस मामले में मुख्य आरोपी के कुबूलनामे के वीडियो के आधार पर उसकी जमानत रद्द कराने के लिए पुलिस कोर्ट में अर्जी देगी। इस कांड में पहले 11 लोगों को नामजद किया गया था। इसमें से 9 को गिरफ्तार किया गया था।
नौ में से मुख्य आरोपी समेत चार आरोपी पुलिस की लचर पैरवी के कारण जमानत पर रिहा हो गए। लेकिन एक निजी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में मुख्य आरोपी राकेश सिसोदिया यह कहते हुए दिख रहा है कि ‘जब वह जेल से छूटा तो उसका स्वागत हीरो की तरह किया गया। मुझे चार गाड़ियां जेल के बाहर लेने के लिए आईं। लोग हमारे पक्ष में नारे लगा रहे थे। यह मेरे लिए गौरव का क्षण था। सरकार की वजह से पुलिस हमारे साथ थी। आजम खां अगर सत्ता में होते तो यह सब संभव नहीं था।