मुजफ्फरनगर दंगे में नामजद आरोपियों के लिए पुलिस की अलग टीमें बनाई गई हैं।
जन प्रतिनिधियों की गिरफ्तारी के लिए बनी टीमों का नेतृत्व क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है।
शनिवार को भाजपा विधायक संगीत सोम व बसपा विधायक नूर सलीम राणा की गिरफ्तारी के बाद कई और लोगों की जल्दी ही गिरफ्तारी की चर्चा थी।
आरोपियों को दबोचने के लिए अधिकारियों ने पहले से ही एसटीएफ को लगा रखा है। एसटीएफ का काम आरोपियों की लोकेशन को ट्रेस कर रखना है।
इसी आधार पर पुलिस ने शुक्रवार शाम को विधान सभा सत्र समाप्त होने के कुछ ही देर बाद भाजपा विधायक सुरेश राणा को भाजपा के प्रदेश कार्यालय से गोमतीनगर जाने के दौरान गिरफ्तार कर लिया था।
सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ सभी आरोपियों के मोबाइल फोन से उनकी लोकेशन व गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसकी जानकारी उच्च पुलिस अधिकारियों को दी जा रही है और मुजफ्फरनगर पुलिस के संबंधित अफसरों को भी इससे अवगत रखा जा रहा है।
अफसरों ने तय किया है कि जहां भी जन प्रतिनिधि को गिरफ्तार करने की कवायद होगी वहां किसी राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी जरूर रहे ताकि किसी तरह की असहज स्थिति न उत्पन्न हो।