सरोजनीनगर स्थित 32वीं वाहिनी पीएसी की जमीन पर मेट्रो डिपो बनने की घोषणा के बाद से ही जवान आवास खोने की आशंका से घिरे हैं।
तमाम आशंकाओं को निर्मूल साबित करते हुए मेट्रो सेल ने यह तय किया है कि वर्तमान में बने 400 आवासों को ध्वस्त कर एलएमआरसी सात मंजिला अपार्टमेंट जवानों के लिए बनवाएगा।
राजधानी में मेट्रो का डिपो बनाने के लिए सरोजनी नगर में 32वीं वाहिनी पीएसी की बटालियन को सबसे उपयुक्त स्थान माना गया। बटालियन को यहां से मोहनलालगंज ले जाया जाएगा। डीएमआरसी ने डिपो का डिजाइन बना लिया है।
इस पर गृह विभाग की संस्तुति भी ली जा चुकी है। पीएसी की सबसे बड़ी चिंता अपने जवानों के आवासों को लेकर थी। प्रदेश के अलग-अलग हिस्से में तैनात जवानों के परिवार यहीं बटालियन परिसर में बने आवासों में रहते हैं। इससे जवानों में पारिवारिक सुरक्षा का अहसास बना रहता है।
मेट्रो सेल और पीएसी ने मिल कर जो योजना बनाई है, उससे जवानों का हौसला न टूटे इसका पूरा इंतजाम किया गया है। यहां सबसे पहले एलएमआरसी खाली हिस्से का इस्तेमाल डिपो का निर्माण के लिए करेगा।
इसमें वाहिनी का विशाल प्ले ग्राउंड और कुछ और खाली हिस्सा सम्मिलित है। ऐसे में निर्माणों को शुरुआत में ढहाने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। मकान ढहाने का समय दो साल बाद आएगा।
सुविधायुक्त होगा अपार्टमेंट
वर्तमान में जवानों के आवास अलग-अलग बने हैं। इनकी जगह पर बेहतरीन अपार्टमेंट बनाया जाएगा। इस अपार्टमेंट में दो कमरे व अटैच टॉयलेट-बाथरूम वाला फ्लैट जवानों के परिवार को मिलेगा।
इसमें तमाम सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा। इसको लेकर पीएसी ने सहमति जता दी है। इससे दो फायदे होंगे एक तो जवानों के परिवारों के आश्रय पर संकट नहीं आएगा, वहीं दूसरी ओर इनके जर्जर आवासों की शिकायत भी दूर हो जाएगी।
पीएसी के डीजी रंजन द्विवेदी ने कहा कि मेट्रो परियोजना बहुत महत्वपूर्ण है। एलएमआरसी हमारे जवानों के लिए सात मंजिला अपार्टमेंट बनाएगा। पहले दो साल तो केवल खुले स्थानों पर ही डिपो का निर्माण होगा। इस दौरान कोई ध्वस्तीकरण नहीं किया जाएगा। दो साल में जवानों को आश्रय मिल जाएगा।